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Essays

भारत की बढ़ती जनसंख्या / बढ़ती आबादी – देश की बर्बादी पर हिंदी निबंध

भारत की बढ़ती जनसंख्या / बढ़ती आबादी - देश की बर्बादी पर हिंदी निबंध

भारत की बढ़ती जनसंख्या: विश्व का इतिहास जनसंख्या वृद्धि का इतिहास है। प्रो. सांडर्स का मत है कि विश्व की जनसंख्या में प्रति वर्ष एक प्रतिशत की वृद्धि हो रही है और यदि इसी गति से वृद्धि होती रही तो एक दिन इस पृथ्वी पर रहने के लिए तो क्या …

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संत कबीर दास पर हिंदी निबंध विद्यार्थियों और बच्चों के लिए

संत कवि कबीर

संत कबीर दास पर हिंदी निबंध: काव्य कवि के बाह्य और भीतरी परिवेश के सम्पर्क से गढ़ी गई कला है। चिन्तन और भावना द्वारा कवि अपने काव्य में समाज की अभिव्यक्ति करता है। साथी ही वह उसके सम्बन्ध में मानसिक एवं हार्दिक प्रतिक्रिया भी व्यक्त करता है। महात्मा कबीर का …

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भारतीय सेना पर हिंदी निबंध विद्यार्थियों के लिए

भारतीय सेना पर हिंदी निबंध विद्यार्थियों के लिए

भारतीय सेना पर हिंदी निबंध: प्रस्तावना दुनिया के हर देश के रक्षक उनकी अपनी सेना है। जिससे उस देश की विरोधी देशों के हमले से रक्षा होती है। वैसे ही अपने भारत देश के रक्षक अपनी भारतीय सेना है। जो अपने देश का सुरक्षा कवच है। जिसकी वजह से अपने …

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झांसी की रानी वीरांगना लक्ष्मीबाई पर विद्यार्थियों के लिए निबंध

झांसी की रानी वीरांगना लक्ष्मीबाई पर विद्यार्थियों के लिए निबंध

झांसी की रानी वीरांगना लक्ष्मीबाई पर निबंध: भारतवर्ष की भूमि को वीर-प्रसू अर्थात् वीरों को जन्म देनेवाली भूमि कहा गया है। इस पावन भूमि पर असंख्य दान-वीर, दया-वीर और युद्ध-वीर हुए हैं। महाभारत के कर्ण जैसे दानवीरों तथा राजा शिवि जैसे दया वीरों की कथाएँ तो पुराणों में मिलेंगी और …

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हानी-लाभ, जीवन-मरण, यश-अपयश विधि हाथ: हिंदी निबंध

राष्ट्रीय एकता

हानी-लाभ, जीवन-मरण, यश-अपयश विधि हाथ: हिंदी निबंध – जीव को ब्रह्म का अंध कहा गया है ‘ईश्वर अंश जीव अविनाशी।‘ ब्रह्म का अंश होते हुए भी मनुष्य अपूर्ण है, सदा सफल नहीं होता, अनेक आपदाएँ और कष्ट है, सुख-दुःख का चक्र निरन्तर चलता रहता है। जो सोचता है, कल्पना करता …

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राष्ट्र-निर्माण में विद्यार्थी का योगदान पर हिंदी निबंध

राष्ट्र-निर्माण में विद्यार्थी का योगदान पर हिंदी निबंध

राष्ट्र रूपी वृक्ष के वृन्त पर किशोर-किशोरियाँ कली की तरह और युवक-युवतियाँ पुष्पों की तरह मुस्कराकर, अपनी सुगंध और सौरभ से वातावरण को मोदमय बनाते हैं। इसीलिए विद्यार्थी वर्ग राष्ट्र के यौवन का प्रतीक कहा जाता है। राष्ट्र उनसे बहुत आशा और अपेक्षा करता है, उसकी दृष्टि उन पर केन्द्रित …

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