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भारतीय सेना पर हिंदी निबंध विद्यार्थियों के लिए

भारतीय सेना पर हिंदी निबंध विद्यार्थियों के लिए

स्थापना:
1 अप्रैल 1895
प्रकार:
थलसेना
विशालता:
12,00,255 सक्रिय कर्मिक; 9,90,960 रिजर्व कर्मीक; १३६ विमान
मुख्यालय:
नई दिल्ली
आदर्श वाक्य:
सर्विस बिफोर सेल्फ़” (स्वपूर्व सेवा)
वर्षगांठ:
15 जनवरीसेना दिवस

भारतीय सेना पर हिंदी निबंध: प्रस्तावना

दुनिया के हर देश के रक्षक उनकी अपनी सेना है। जिससे उस देश की विरोधी देशों के हमले से रक्षा होती है। वैसे ही अपने भारत देश के रक्षक अपनी भारतीय सेना है। जो अपने देश का सुरक्षा कवच है। जिसकी वजह से अपने देश की दुश्मन देशों के हमलों से हमेशा रक्षा होती है। इसलिए भारतीय सेना अपने भारत देश का अभिमान और गौरव है। भारतीय सेना का हर एक सैनिक अपने देश और देश के लोगों की रक्षा के लिए अपने प्राण दाव पर लगाता है। वो सैनिक देश की सेवा करने के लिए खुदके भविष्य के बारेमें एक बार भी नहीं सोचता।

हमारी रक्षा

हम लोग अपनी ज़िंदगी में बहुत शांति से रहते है। अपने परिवार के साथ वक्त बिताते है। बिना डरे समाज में बिंधास्त चलते फिरते है। हम कोई खतरा ना होने के कारण आराम से जीते है। लेकिन ये सब जो हमारे जीवन में हमे मिला है, वो सब अपनी सेना की वजह से ही मिला है। जो हमारे देश के सीमाओं पर सुरक्षा कवच बनकर हम सभी को दुश्मन से बचाते है। जिसके लिए भारतीय सेना दिन रात अपने देश की रक्षा करने के लिए अपने प्राणों की परवाह ना करते हुए मेहनत करती है। जिससे हम सभी की रक्षा होती है। इसलिए हम सभी को अपनी भारतीय सेना पर गर्व और अभिमान होना चाहिए।

भारतीय सेना का लक्ष्य

इस दुनिया में हर किसी का लक्ष्य होता है। उसमे कोई अपना सपना पूरा करना चाहता है तो कोई कुछ हासिल करना चाहता है और ऐसे ही किसी का कुछ भी लक्ष्य हो सकता है। वैसे ही अपने भारत देश के भारतीय सेना का एक ही लक्ष्य है। वो लक्ष्य और कुछ नहीं बल्कि अपने देश की हर हालत में दुश्मनों से रक्षा करना है। जिसके लिए वो अपने प्राणों के बारे में भी नहीं सोचते है। वो अपने जीवन से समझौता कर लेते है। वो ये सब इसलिए करते है, जिससे अपने देश की सुरक्षा और एकता बनाए रहे।

भारतीय सेना के कमांड

जब अपने देश पर ब्रिटिश शासन चल रहा था। तब अपना देश पूरी तरह से गुलामी में जी रहा था। इसलिए पूरे देश में गरीबी में वृद्धि हो रही थी। उस समय अपने भारत देश की सेना भी ब्रिटिश शासन के अधीन थी। इसलिए अपनी खुदकी कोई सेना नहीं थी। लेकिन भारत देश आजाद होने के बाद वही ब्रिटिश भारतीय सेना पूरी तरह से अपने देश की राष्ट्रीय सेना बन गई। तब भारतीय सेना साथ विभिन्न कमांड मे विभाजित हो गई थी। जिसमे से 6 कमांड ऑपरेटिंग कमांड थे और 1 कमांड ट्रेनिंग कमांड था। इन सभी कमांड के डिवीजन, कमांड के अधिकारी, कमांड के ब्रिगेड और रेजीमेंट होते है।

जीवन का बलिदान

अपने देश के सैनिकों ने कई सारे युद्ध जीते है। जिससे अपने देश की कई मुसीबतों से रक्षा हुई है। उन्होंने कई सारे अभियान भी कीये है, जिससे हमारे देश को खतरा था। जैसे की सर्जिकल स्ट्राइक। भारतीय सेना के जवानों नें अपने देश के सुरक्षा के लिए अपने जीवन का भी बलिदान दिया है। जिससे उनका अपने देश के प्रति जो प्यार है वो साबित हो जाता है। सेना के हर सैनिक का अपने भारत देश के प्रति प्यार, सम्मान और अभिमान होता है। इस प्यार और सम्मान में भारतीय सेना की देशभक्ति साफ नजर आती है।

निष्कर्ष

एक देश का असली नायक उस देश का सैनिक होता है। जो अपने प्राणों की परवाह कीये बिना देश की रक्षा के जीवन का बलिदान देता है। जो हमेशा अपनी मातृभूमि की रक्षा करने के लिए तैयार होता है। इसलिए अपने भारत देश की सुरक्षा अपने भारत देश के बहादुर सैनिकों पर निर्भर करती है। इसलिए हम सभी को अपने भारतीय सेना पर गर्व होना चाहिए। जिनकी वजह से अपना देश और हम सभी लोग सुरक्षित है। इसलिए हमे उनका सम्मान करना चाहिए।

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