अपठित गद्यांश Hindi Unseen Passages IV [08]
आत्मविश्वास का सबसे बड़ा दुश्मन है दुविधा, क्योंकि दुविधा एकाग्रता को नष्ट कर देती है। आदमी की शक्ति को बाँट देती है। बस वह आधा इधर उधर, इस तरह खंडित हो जाता है। मेरे एक मित्र अपनी पत्नी के साथ जंगल में एक पेड़ के नीचे बैठे बात कर रहे थे। बात करते-करते पत्नी सो गई, वे उपन्यास पढने लगे। अचानक उन्हें लगा कि सामने से भेड़िया चला आ रहा है – उन्हीं की तरफ। भेड़िया, एक खूँखार जानवर; वह इतने घबरा गए कि पत्नी को सोता छोड़कर ही भाग खड़े हुए। भाग्य, कुछ दूर ही उन्हें एक बंदूकधारी सज्जन मिल गए। वे उनके पैरों पर गिर पड़े, “मेरी पत्नी को बचाइए, भेड़िया उसे खा रहा है”, वह गिड़गिड़ाए।
शिकारी दौड़ा-दौड़ा उनके साथ पेड़ के पास आया, तो उनकी पत्नी यथापूर्व सो रही थी और ‘भेड़िया’ उसके पास रखी टोकरी में मुँह डाले पूरियाँ खा रहा था। “कहाँ है भेड़िया?” शिकारी ने बंदूक साधते हुए पूछा, तो काँपते हुए वह बोले – “वह है तो सामने।” शिकारी बहुत जोर से हँस पड़ा – “भले मानस, वह बेचारा कुत्ता है।” क्या बात हुई यह? वही कि भय ने उन्हें विश्वासहीन कर दिया। सूत्र के अनुसार-हतोत्साहियों, निराशावादियों, डरपोकों और सदा असफलता की ही मर्सिया पढने वालों के संपर्क से दूर रहो। नीति का वचन है कि जहाँ अपनी, अपने कुल की और अपने देश की निंदा हो और मुँहतोड़ उत्तर देना संभव न हो, तो वहाँ से उठ जाना चाहिए। क्यों? क्योंकि इसमें आत्मगौरव और आत्मविश्वास की भावना खंडित होने का भय रहता है।
प्रश्न:
(क) ‘दुविधा’ आत्मविश्वास की सबसे बड़ी दुश्मन है क्योंकि यह –
- आदमी की शक्ति को खंडित कर सब ओर से चौकन्ना बना देती है
- एकाग्रता को नष्ट कर शत्रु की शक्ति को खंडित करने सहायक होती है
- व्यक्ति की एकाग्रता को नष्टकर शक्ति को खंडित कर देती है
- मनुष्य पहले ही एकाग्रता के साथ चिंतन करता है
(ख) मित्र कुत्ते को भेड़िया क्यों समझ बैठे?
- क्योंकि उपन्यास पढ़ते हुए यकायक अच्छी तरह देख नहीं पाए
- क्योंकि यकायक आए कुत्ते को हड़बड़ाहट में भेरिया समझ बैठे
- क्योंकि मित्र का ध्यान नहीं था जंगल में कुत्ता कैसे हो सकता है?
- क्योंकि मित्र के भय ने आत्मविश्वास हीन कर दिया था।
(ग) “भाग्य से उन्हें बंदूकधारी सज्जन मिल गए।” यहाँ विशेषण पद हो सकता है।
- भाग्य से उन्हें
- बंदूकधारी सज्जन
- बंदूकधारी
- सज्जन
(घ) अव्ययी-भाव समास का उदाहरण है –
- यथापूर्व
- बंदूकधारी
- आत्महीनता
- आत्मविश्वास
(ड़) आत्म गौरव और आत्मविश्वास की भावना कहाँ खंडित होने का भय रहता है?
- जहाँ कुल और देश की निंदा हो
- जहाँ खुद की प्रशंसा हो
- जहाँ ईश्वर की पूजा हो
- इनमें से कोई नहीं
(च) मनुष्य को किस स्थान का त्याग कर देना चाहिए?
- जहाँ अपनी निंदा हो
- अपने कुल की निंदा हो
- जहाँ अपने देश की निंदा हो
- उपरोक्त
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