इसे सूक्ति में दिन का वाच्यार्थ दिन है और ध्वन्यार्थ है काल। दिन भी बदलते रहते हैं। दिन के बाद रात और रात के बाद दिन आता है। दिन भी भिन्न-भिन्न ऋतुओं में अपने स्वरूप और कालावधि में बदलता रहता है; ग्रीष्म ऋतु में दिन पहाड़ जैसा लम्बा हो जाता …
Read More »मनुष्य है वही कि जो मनुष्य के लिए मरे: हिंदी निबंध
राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त की इन पंक्तियों में मरने का अर्थ केवल मरना नहीं हैं, अपितु समाज, देश, सम्पूर्ण मानवजाती के हित के लिए त्याग, बलिदान, परोपकार करते हुए यदि आवश्यकता पड़े तो प्राण दान भी है। मनुष्य की मनुष्यता, मानवता केवल अपना पेट भरने में नहीं है, पेट तो कुत्ते, …
Read More »संयुक्त राष्ट्र संघ: अंतरराष्ट्रीय संगठन पर विद्यार्थियों के लिए निबंध
अंतरराष्ट्रीय संगठन – संयुक्त राष्ट्र संघ पर विद्यार्थियों के लिए हिंदी निबंध प्रथम महायुद्ध की विभीषिका, नर-संहार, नगरों के विनाश को देखकर लगा कि आगामी युद्धों के कारण मानव जाती का अस्तित्व ही खतरे में पड़ सकता है क्योंकि युद्ध में तो अपार जन-धन की हानी होती ही है, उसके …
Read More »बेरोजगारी की समस्या पर हिन्दी निबंध विद्यार्थियों के लिए
भारत में आज ‘एक अनार सौ बीमार‘ कहावत चरितार्थ हो रही है। एक रिक्त स्थान के लिए सौ से अधिक प्रार्थनापत्र भेजे जाते हैं, एक पद के लिए सैकड़ों प्रत्याशी ‘क्यू’ लगाकर साक्षात्कार के लिए खड़े अपनी बारी की प्रतीक्षा करते देखे जाते हैं। यह सब बेरोजगारी के ही लक्ष्ण …
Read More »बाल-मजदूर समस्या पर हिन्दी निबंध विद्यार्थियों के लिये
बच्चा भगवान का प्रतिरूप होता, बच्चा भगवान की देन है, ‘child is the father of man‘ आदि उक्तियाँ बच्चों का महत्त्व बताती है; उसका गुणगान करती हैं। वस्तुतः बच्चे का भोलापन, नटखटपन, बाल-सुलभ चेष्टाएँ, बाल-क्रीड़ाएँ सबको मुग्ध कर देती हैं और मानव बच्चे के प्रति ममत्व अनुभव करने लगता है, …
Read More »बन्धुआ मजदूर समस्या पर हिन्दी निबंध विद्यार्थियों के लिये
बहुत पुराने जमाने में गुलाम-प्रथा अर्थात् आदमी को बेचने-खरीदने का रिवाज था। इसके अन्तर्गत सम्पन्न व्यक्ति पुरुषों को परिश्रम के लिए तथा स्त्रियों को अपनी वासना-पूर्ति के लिए कुछ धन देकर जीवन-भर के लिए अपना दास बना लेता था। समय के साथ जागरूकता, मानवता, मनुष्य को मनुष्य होने के नाते …
Read More »भारत में राजभाषा समस्या पर विद्यार्थियों के लिए हिन्दी निबंध
राजभाषा वह भाषा होती है जिसे प्रशासनिक कार्यों के लिए या कहें राजकार्य के लिए शासन तंत्र के विभिन्न मंत्रालयों, विभागों, कार्यालयों, न्यायालय या संसद आदि में प्रयुक्त किया जाता है। यह आवश्यक नहीं कि राजभाषा एवं राष्ट्रभाषा एक ही हो। राष्ट्रभाषा तो राजभाषा हो सकती है, परंतु राजभाषा राष्ट्रभाषा …
Read More »वैशाखी त्यौहार पर विद्यार्थियों के लिए हिंदी निबंध
वैशाखी का पर्व सम्पूर्ण भारत में न मनाया जाकर केवल उत्तर भारत के पंजाब-हरियाणा प्रदेशों में मनाया जानेवाला त्यौहार है। इस त्यौहार का संबंध किसी धार्मिक या सांस्कृतिक परम्परा से नहीं है। यह शुद्ध रूप से रबी की फसल से सम्बन्ध रखने वाला मौसमी और फसली त्यौहार है। उत्तर भारत …
Read More »युद्ध: अभिशाप या वरदान पर निबंध छात्रों के लिए
मनुष्य स्वभाव से स्वार्थी, महत्वाकांक्षी और अहंकारी होता है। वह स्वयं को, अपने विचारों और सिद्धान्तों को अन्यों की तुलना में श्रेष्ठ मानता है। ईर्ष्या, द्वेष, वैमनस्य, प्रतिस्पर्धा और दूसरों से स्वयं को अधिक शक्तिशाली दिखाने की प्रवृत्ति भी मनुष्य में होती है। ये सब आसुरी भाव हैं जिनका सम्बन्ध …
Read More »नेताजी चुनाव से पूर्व और चुनाव के बाद: निबंध
नेताजी शब्द का प्रयोग स्वतंत्रता से पूर्व उस देशभक्त के लिए किया जाता था जो अपना स्वार्थ, अपनी सुख-सुविधा त्यागकर, अपने परिवार की चिन्ता न कर, अपने प्राणों की पपरवाह न कर देश को स्वतंत्र करने के लिए अपना सर्वस्व त्यागने के लिए तत्पर रहता था। वे चरित्रवान्, निष्ठावान्, देश …
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Class Notes NCERT Solutions for CBSE Students