भारत वर्ष में नवजागरण का शंखनाद करने वाले महापुरुषों में स्वामी विवेकानंद का अद्वितीय स्थान है। स्वामी जी का जन्म 1863 ईस्वी में हुआ उनका जन्म नाम नरेन्द्रनाथ था। स्वामी जी बचपन से ही कुशाग्र बुद्धि और उच्च विचार सम्पन्न थे। उनकी प्रारम्भिक शिक्षा अंग्रेजी माध्यम से हुई। सन् 1884 …
Read More »शिक्षा का माध्यम पर हिन्दी निबंध
शिक्षा के माध्यम से तात्पर्य है वह भाषा जिसमें शिक्षार्थी को शिक्षा दी जाये, जिसमें लिखी हुई पुस्तकों का अध्ययन उसे करना पड़े। शिक्षा का आरम्भ बचपन से ही हो जाता है। पाँच – छः वर्ष की आयु का बालक नर्सरी स्कूल या प्राथमिक पाठशाला में जाने लगता है। ब्रिटिश …
Read More »शिक्षा का महत्व पर निबंध विद्यार्थियों के लिए
“तमसो मा ज्योतिर्गमय” अर्थात् अधंकार से मुझे प्रकाश की ओर ले जाओ – यह प्रार्थना भारतीय संस्कृति का मूल स्तम्भ है। प्रकाश में व्यक्ति को सब कुछ दिखाई देता है, अन्धकार में नहीं। प्रकाश से यहाँ तात्पर्य ज्ञान से है। ज्ञान से व्यक्ति का अंधकार नष्ट होता है। उसका वर्तमान और …
Read More »शिक्षक दिवस पर निबंध विद्यार्थियों के लिए
शिक्षक दिवस पर निबंध विद्यार्थियों के लिए [450 Words] शिक्षक, नेता, विचारक, दार्शनिक के रूप सफलता प्राप्त करने वाले भारत के द्वितीय राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन थे। राधाकृष्णन ने अपने जीवन के 40 वर्ष एक शिक्षक के रूप में व्यतीत किए थे। उनके शिक्षा प्रेम और विद्वता के कारण भारत …
Read More »गांधी जयंती पर निबंध विद्यार्थियों के लिए
गांधी जयंती पर निबंध ~ 830 Words जिन्हें आज केवल भारतवर्ष ही नहीं सारा संसार विश्ववंध महामानव, युग-पुरुष, महात्मा गांधी के नाम से जानता और पुकारता है, वह गुजरात के एक सम्पन्न, प्रतिष्ठित वैश्य परिवार में 2 अक्टूबर 1869 को पैदा हुए थे। उनके पिता पहले पोरबन्दर के तथा बाद …
Read More »महात्मा गांधी पर निबंध विद्यार्थियों के लिए
महात्मा गांधी पर निबंध ~ 450 Words महात्मा गांधी को हमारे देश की आज़ादी में उच्चतम योगदान की वजह से उन्हें “राष्ट्रपिता या बापू” के रूप में जाना जाता है। ये वो हैं जिन्होंने अहिंसा और लोगों की एकता में विश्वास किया और भारतीय राजनीति में आध्यात्मिकता लायी। उन्होंने भारतीय …
Read More »बाल दिवस पर विद्यार्थियों के लिए हिंदी निबंध
किसी भी राष्ट्र की निधि उस राष्ट्र के बच्चे होते हैं। तभी तो जवाहर लाल नेहरू ने कहा था कि “किसी देश की सम्पत्ति बैंकों में नहीं बल्कि विद्यालयों में सुरक्षित होती है“। यही बच्चे कल के नेता बनकर राष्ट्र का सही मार्गदर्शन करते हैं। इन बच्चों में भारत का …
Read More »नर हो न निराश करो मन को कविता पर निबंध
राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त की एक कविता की पंक्तियाँ हैं: नर हो न निराश करो मन को, कुछ काम करो कुछ काम करो, जग में रहकर कुछ नाम करो, समझो न अलभ्य किसी धन को, नर हो न निराश करो मन को। ये पंक्तियाँ कवि ने उस समय लिखी थीं जब …
Read More »किस्सा कुर्सी का पर निबंध विद्यार्थियों और बच्चों के लिए
कुर्सी का सामान्य अर्थ है लकड़ी, लोहे-इस्पात, प्लास्टिक की बनी पीठिका या आसन जिस पर बैठकर व्यक्ति काम करता है: पढ़ता-लिखता है, कार्यालय में बैठकर काम करता है। आराम कुर्सी पर बैठ कर आराम भी किया जाता है। परन्तु कुर्सी का लाक्षणिक अर्थ है सत्ता, प्रभुता। जिसे प्राचीन समय में …
Read More »लोकतंत्र में विरोधी दलों का महत्त्व तथा भूमिका: भारतीय सन्दर्भ
लोकतंत्र जनता का, जनता के लिए, जनता के द्वारा शासन है। उसमें जनता द्वा रा चुने गये प्रतिनिधि शासन की बागडोर सँभालते हैं और एक निश्चित कालाविधि प्रायः पाँच वर्ष तक देश की उन्नति और विकास का भार उनके कंधों पर होता है। चुनाव लोकतंत्र की रीढ़ है। प्रत्येक देश …
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Class Notes NCERT Solutions for CBSE Students