Saturday , August 22 2026
‘न्यायपालिका में भ्रष्टाचार’ वाला पाठ NCERT ने किया डिलीट

‘न्यायपालिका में भ्रष्टाचार’ वाला पाठ NCERT ने किया डिलीट

‘न्यायपालिका में भ्रष्टाचार’ वाला पाठ NCERT ने किया डिलीट, सिलेबस अपडेट कर ज्यूडिशरी की जमकर की तारीफ: बताया – ‘निष्पक्ष और स्वतंत्र संस्था’

NCERT deletes chapter on ‘Corruption in the Judiciary’

NCERT कक्षा 8वीं सोशल साइंस की नई किताब को संशोधित करके जारी कर दिया गया है। पिछली किताब में न्यायपालिका पर की गई विवादित टिप्पणियों खासकर ‘न्यायपालिका में भ्रष्टाचार’ जैसे मुद्दों पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी आपत्ति जताई थी और एनसीईआरटी ने बिना शर्त माफी माँगी थी और किताबों को बाजार से वापस ले लिया था।

नई संशोधित पुस्तक में न्यायपालिका के अध्याय को पूरी तरह से दोबारा लिखा गया है। NCERT ने जो प्रमुख बदलाव किए हैं, उनमें विवादित अंश वाले भाग, जैसे – न्यायपालिका में भ्रष्टाचार और न्यायिक संलिप्तता को पूरी तरह से हटा दिया गया है। वहीं न्यायपालिका की संवैधानिक भूमिका, जनहित याचिका और वैकल्पिक विवाद समाधान पर अधिक विस्तार से बताया गया है।

नई किताब में न्यायपालिका में भ्रष्टाचार’ वाला पूरा हिस्सा हटा दिया गया है। अदालतों में लंबित मामलों (बैकलॉग) और न्यायिक व्यवस्था की चुनौतियों पर चर्चा भी अब नहीं है। न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर आधारित अलग सेक्शन को भी हटा दिया गया है।

छात्रों के लिए दिए जाने वाले ‘बिग क्वेश्चन’ भी बदल दिए गए हैं। पहले छात्रों से पूछा जाता था कि स्वतंत्र न्यायपालिका क्यों जरूरी है, लेकिन अब ‘एक न्यायपूर्ण और सौहार्दपूर्ण समाज के लिए न्याय क्यों महत्वपूर्ण है?’ पूछे गए हैं।

विवादित न्यायपालिका की चुनौतियों वाला पूरा हिस्सा हटा दिया गया है। अदालतों में मामलों के भारी बोझ, न्यायाधीशों की कमी, जटिल कानूनी प्रक्रियाओं और कमजोर आधारभूत ढाँचे पर चर्चा की गई है। ‘न्याय के लिए स्वतंत्र न्यायपालिका क्यों जरूरी है? वाला भाग पूरी तरह हटा दिया गया है।

किताब में सुप्रीम कोर्ट के दो अहम फैसलों की भी चर्चा की गई है। इसमें श्रेया सिंघल बनाम भारत संघ मामला, जिसमें सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66ए को रद्द किया गया था। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स बनाम भारत संघ मामला, जिसमें चुनावी बॉन्ड योजना को असंवैधानिक घोषित किया गया था।

दरअसल फरवरी में जब किताब का नया एडिशन जारी हुआ तो कक्षा 8वीं के सोशल साइंस भाग-2 में न्यायपालिका को लेकर विवादित टिप्पणी की गई थी। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए मामले पर सुनवाई की। इस दौरान एनसीईआरटी ने खेद जताते हुए किताब से इसे हटाने की बात कही। किताब का प्रकाशन रोक दिया गया और बाजार से हटा लिया गया। करीब 5 महीने बाद किताब नए संशोधनों के साथ बाजार में आ गई है।

Check Also

Class 12 board marks may hold 50% weightage for NEET & JEE admissions

Class 12 board marks may hold 50% weightage for NEET & JEE admissions

Class 12 board marks may hold 50% weightage for NEET and JEE admissions under reforms …