अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले 10 Class Hindi Sparsh Ch 15 Page [2]
प्रश्न: उदारण के अनुसार निम्नलिखित वाक्यों में कारक चिह्नों को पहचानकर रेखांकित कीजिए और उनके नाम रिक्त स्थानों में लिखिए; जैसे:
| (क) | माँ ने भोजन परोसा। | कर्ता |
| (ख) | मैं किसी के लिए मुसीबत नहीं हूँ। | …………………. |
| (ग) | मैंने एक घर वाले को बेघर कर दिया। | …………………. |
| (घ) | कबूतर परेशानी में इधर-उधर फड़फड़ा रहे थे। | …………………. |
| (ङ) | दरिया पर जाओ तो उसे सलाम किया करो। | …………………. |
उत्तर:
| (क) | माँ ने भोजन परोसा। | कर्ता |
| (ख) | मैं किसी के लिए मुसीबत नहीं हूँ। | संप्रदान |
| (ग) | मैंने एक घर वाले को बेघर कर दिया। | कर्म |
| (घ) | कबूतर परेशानी में इधर-उधर फड़फड़ा रहे थे। | अधिकरण |
| (ङ) | दरिया पर जाओ तो उसे सलाम किया करो। | अधिकरण |
प्रश्न: दिए गए शब्दों के बहुवचन रूप लिखिए: चींटी, घोड़ा, आवाज, बिल, फ़ौज, रोटी, बिंदु, दीवार, टुकड़ा।
उत्तर: चींटियाँ, घोड़े, आवाजें, बिलें, फ़ौजें, रोटियाँ, बिंदुओं, दीवारें, टुकड़े।
प्रश्न: ध्यान दीजिए नुक्ता लगाने से शब्द के अर्थ में परिवर्तन हो जाता है। पाठ में दफा’ शब्द का प्रयोग हुआ है जिसका अर्थ होता है – बार (गणना संबंधी), कानून संबंधी। यदि इस शब्द में नुक्ता लगा दिया जाए तो शब्द बनेगा ‘दफ़ा’ जिसका अर्थ होता है-दूर करना, हटाना। यहाँ नीचे कुछ नुक्तायुक्त और नुक्तारहित शब्द दिए जा रहे हैं उन्हें ध्यान से देखिए और अर्थगत अंतर को समझिए।
सजा – सज़ा
नाज – नाज़
जरा – ज़रा
तेज – तेज
निम्नलिखित वाक्यों में उचित शब्द भरकर वाक्य पूरे कीजिए:
- आजकल ……….. बहुत खराब है। (जमाना / जमाना)
- पूरे कमरे को ………… दो। (सजा / सजा)
- ………… चीनी तो देना। (जरा / जरा)
- माँ दही ………. भूल गई। (जमाना / जमाना)
- दोषी को ……….. दी गई। (सजा / सज़ा)
- महात्मा के चेहरे पर …………. था। (तेज / तेज़)
उत्तर:
- जमाना
- सजा
- जरा
- जमाना
- सज़ा
- तेज
प्रश्न: अपने आसपास प्रतिवर्ष एक पौधा लगाइए और उसकी समुचित देखभाल कर पर्यावरण में आए असंतुलन को रोकने में अपना योगदान दीजिए।
उत्तर: अपने जन्मदिन पर पौधे लगाएँ तथा पर्यावरण संतुलन में योगदान दें।
प्रश्न: किसी ऐसी घटना का वर्णन कीजिए जब अपने मनोरंजन के लिए मानव द्वारा पशु-पक्षियों का उपयोग किया गया हो।
उत्तर: ग्रामीण क्षेत्रों विशेषकर पिछड़े ग्रामीण क्षेत्रों में मेले मनोरंजन का उत्तम साधन माने जाते हैं। इस साल मुझे दीपावली की छुट्टियों में अपने एक सहपाठी के साथ उसके गाँव जाने का अवसर मिला जो महोबा उत्तर प्रदेश में है। इस गाँव में दीपावली के एक दिन पूर्व मेला लगता है, जहाँ लोग दीपावली की खरीददारी करते हैं। इसी मेले में मैंने देखा कि कुछ लोग नर भेड़ों को लड़ा रहे थे। ये भेड़े एक-दूसरे पर उछल-उछल कर सीगों से हमलाकर रहे थे जिससे उनके सिर टकराने से उत्पन्न टक की आवाज़ साफ़ सुनी जा सकती थी। करीब आधे घंटे बाद जब उनमें एक गिर गया तो दूसरे को उसके मालिक ने पकड़ लिया। उसकी जीत हो गई थी। यह मेरे लिए अद्भुत अवसर था जब मैंने मनुष्य को अपने मनोरंजन हेतु नर भेड़ों को लड़ाते देखा।
लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर
प्रश्न: सुलेमान बादशाह अन्य बादशाहों से किस तरह अलग थे?
उत्तर: सुलेमान जिन्हें बाइबिल में सोलोमन कहा गया है, वे केवल मानवजाति के ही राजा नहीं थे, बल्कि सारे छोटे-बड़े पशु-पक्षी के भी हाकिम थे। वह इन सबकी भाषा भी जानते थे, जबकि अन्य राजाओं के पास ऐसी संवेदनशीलता और मानवता न होने से सुलेमान अन्य बादशाहों से अलग थे।
प्रश्न: सुलेमान ने चींटियों का भय किस तरह दूर किया?
उत्तर: सुलेमान के लश्कर के साथ गुज़रते हुए जब चींटियों ने उनके घोड़ों के टापों की आवाजें सुनीं तो वे भयभीत हो गईं। उनका भय दूर करने के लिए सुलेमान ने कहा, “घबराओ नहीं, सुलेमान को खुदा ने सबका रखवाला बनाया है। वह सबके लिए मुहब्बत है। ऐसा कहकर सुलेमान ने चींटियों का भय दूर किया।”
प्रश्न: नूह के लकब जिंदगी भर क्यों रोते रहे?
उत्तर: नूह के लकब जिंदगी भर इसलिए रोते रहे क्योंकि एक बार उन्होंने जखमी कुत्ते को देखकर दुत्कारते हुए कह दिया, ‘दूर हो जा गंदे कुत्ते !’ दुत्कार सुनकर उस घायल कुत्ते ने उनसे कहा, ‘न मैं अपनी मर्जी से कुत्ता हूँ और न तुम अपनी मर्जी से इनसान। बनाने वाला वही सबका एक है।’ उसकी बात सुनकर वे आजीवन रोते रहे।
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