भारत की खोज: 8th CBSE Supplementary Hindi [Page: II]
प्रश्न: आजादी से पहले किसानों की समस्याएँ निम्नलिखित थीं “गरीबी, कर्ज, निहित स्वार्थ, जमींदार, महाजन, भारी लगान और कर, पुलिस के अत्याचार” – आपके विचार से आजकल किसानों की समस्याएँ कौन-कौन सी हैं?
उत्तर: आजकल वर्तमान परिस्थितियों में किसानों की समस्याएँ निम्न हैं: गरीबी, कर्ज, निहित स्वार्थ, जमींदार, महाजन, फसल का उचित मूल्य न मिलना, गरीबी, पूँजी का आभाव सिंचाई साधनों का अभाव उन्नत किस्म का बीज का उपलब्ध न होना, कर्ज का बोझ सरकार का कोरा आश्वासन सरकारी सहायता का समय पर उन तक न मिल पाना।
प्रश्न: “सार्वजनिक काम राजा की मर्जी के मोहताज नहीं होते, उसे खुद हमेशा इनके लिए तैयार रहना चाहिए”। ऐसे कौन-कौन से सार्वजनिक कार्य हैं जिन्हें आप बिना किसी हिचकिचाहट के करने को तैयार हो जाते हैं?
उत्तर: बहुत से ऐसे सार्वजनिक कार्य हैं जो हम बिना झिझक के करने के लिए तैयार रहते हैं। कार्य निम्नलिखित हैं वृक्षारोपण का काम, अपने आस-पास सफ़ाई का काम, गरीब बच्चों व परिवारों के लिए सुविधाएँ जुटाना जैसे पुस्तक, कॉपियाँ आदि। अस्पताल में गरीब मरीजों की देखभाल करना इसके अलावे नेत्रदान, रक्तदान, चिकित्सा, शिक्षा व्यवस्था, नारी कल्याण, वृद्धाश्रम, अनाथाश्रम के लिए सार्वजनिक कार्य हैं।
प्रश्न: महान सम्राट अशोक ने घोषणा की कि वह प्रजा के कार्य और हित के लिए हर स्थान पर और हर समय हमेशा उपलब्ध हैं। हमारे समय के शासक / लोक-सेवक इस कटौती पर कितना खरा उतरते हैं? तर्क सहित लिखिए।
उत्तर: हमारे समय में शासक वर्ग यानी नेता प्रजा के कार्य और भलाई के लिए उपलब्ध नहीं होते हैं। वे चुनाव के वक्त दिखते हैं और जनता के कल्याण के लिए लंबी-चौड़ी घोषणाएँ तथा वायदे करते हैं। जीत जाने के बाद वे अपना शक्ल नहीं दिखाते। जनता की समस्याओं को सुनने, समझने और हल करने में रुचि नहीं होती। उन्हें तो चुनाव के समय जनता याद आती है।
प्रश्न: “औरतों के परदे में अलग-अलग रहने से सामाजिक जीवन के विकास में रुकावट आई”। कैसे?
उत्तर: औरतों के परदे में अलग-थलग रहने से सामाजिक जीवन के विकास में रुकावट आई। उन्हें शिक्षा से वंचित रहना पड़ा। अब समाज में उनकी भागीदारी कम हो गई। उनकी शिक्षा और स्वास्थ्य में गिरावट आई। औरतें घर की चारदीवारी तक सिमट कर रह गईं । नारी उत्पीड़न बढ़ गया। पुरुषों के अधिकार और वर्चस्व बढ़ते गए। इससे समाज के विकास में रुकावट आई।
प्रश्न: मध्ये काल के इन संत रचनाकारों की अनेक रचनाएँ अब तक आप पढ़ चुके होंगे। इन रचनाकारों की एक-एक रचना अपनी पसंद से लिखिए-
- अमीर खुसरो
- कबीर
- गुरुनानक
- रहीम
उत्तर:
- अमीर खुसरो – पहेलियाँ एवं मुकरियाँ
- कबीर – बीजक
- गुरूनानक – गुरुग्रंथ साहिब
- रहीम – रहीम के दोहे
- अमीर खुसरो – वह आवै तो शादी होय उस बिन दूजा और न कोए। मीठे लागे उनके बोल, क्यों सखी साजन। न सखी ढोल।
- कबीर – कबीर एक महान समाज सुधारक थे, जिन्होंने समाज में व्याप्त तत्कालीन कुरीतियों पर जमकर प्रहार किया। मौको कहाँ हूँढे बँदे, मैं तो तेरे पास में। ना मैं देवल ना मैं मस्जिद, ना काबे कैलाश में। ना तो कौने क्रियाकर्म में नहीं यो बैराग में, कहो कबीर सुनो भई साधो, सब स्वाँसों की स्वाँस में।
- गुरुनानक – चारि नदी अगनी असराला कोई गुरुमुखि बुझै सबदि निराला। साकत दुरमति डूबहि दाझहिं गुरि राखे हरि सिव राता है।
- रहीम – रहिमन यहि संसार में सबसे मिलियो धाइ। ना जाने केहि भेस में नारायण मिलि जाइ।।
प्रश्न: बात को कहने के तीन प्रमुख तरीके अब तक आप जान चुके होंगे
- अभिधा
- लक्षणा
- व्यंजना
बताइए, नेहरू जी का निम्नलिखित वाक्य इन तीनों में से किसका उदाहरण है? यह भी बताइए कि आपको ऐसा क्यों लगता है? “यदि ब्रिटेन ने भारत में यह बहुत भारी बोझ नहीं उठाया होता (जैसा कि उन्होंने हमें बताया है) और लंबे समय तक हमें स्वराज्य करने की वह कठिन कला नहीं सिखाई होती, जिससे हम इतने अनजान थे, तो भारत न केवल अधिक स्वतंत्र और अधिक समृद्ध होता… बल्कि उसने कहीं अधिक प्रगति की होती।”
उत्तर: व्यंजना शब्द शक्ति इसमें अंग्रेजों पर व्यंग्य है। अंग्रेज़ों ने हमारा बोझ उठाया नहीं बल्कि हम पर थोपा था, जिससे मुक्त होने में हमें लंबा समय लगा।
प्रश्न: “नयी ताकतों ने सिर उठाया और वे हमें ग्रामीण जनता की ओर ले गईं। पहली बार एक नया और दूसरे ढंग का भारत उन युवा बुदधिजीवियों के सामने आया…” आपके विचार से आज़ादी की लड़ाई के बारे में कही गई ये बातें किस नयी ताकत की ओर इशारा कर रही हैं? वह कौन व्यक्ति था और उसने ऐसा क्या किया जिसने ग्रामीण जनता को भी आज़ादी की लड़ाई का सिपाही बना दिया?
उत्तर: उपर्युक्त वाक्य इशारा करती है कि भारत के माध्यम वर्ग में “नयी ताकत” की खोज की गई है जिसमें हर विपत्ति का सामना करने की शक्ति थी। उन्हें अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक किया। इससे मध्यम वर्ग में राजनीतिक चेतना जाग उठी। यह वर्ग भारत की आजादी के लिए जागरूक हो उठा। यह वर्ग उठ खड़ा होकर आजादी के लिए सीना ताने खड़ा रहा।
प्रश्न: ‘भारत माता की जय’ आपके विचार से इस नारे में किसकी जय की बात कही जाती है? अपने उत्तर का कारण भी बताइए।
उत्तर: ‘भारत माता की जय’ के नारे से हमारे विचार में भारत की पावन भूमि, नदियाँ, जंगल, पर्वत, सागर पशु-पक्षी समस्त प्राणी जगत इतिहास भूगोल की जय की बात कही गई है। क्योंकि इन सबको मिलाकर भारत माता की तसवीर पूरी होती है। इन चीजों को किसी तरह से भारत माता से अलग नहीं किया जा सकता है।
प्रश्न:
- भारत पर प्राचीन काल से ही अनेक विदेशी आक्रमण होते रहे। उनकी सूची बनाइए। समय क्रम में बनाएँ तो और भी अच्छा रहेगा।
- आपके विचार से भारत में अंग्रेज़ी राज्य की स्थापना इससे पहले के आक्रमणों से किस तरह अलग है?
उत्तर:
- ब्रिटिश सरकार से पूर्व पहले जितनी भी जातियों ने भारत पर आक्रमण किया या तो उसने देश में खूब लूट-पाट मचाई धन-संपत्ति लूटकर चले गए या इसी धरती की सभ्यता या संस्कृति को अपना लिया और यहीं बस गए। उन विदेशियों ने भारत पर शासन भी किया तो भारत को अपनेपन के भाव से देखा। लेकिन इसके विपरीत अंग्रेजों की शासन सत्ता पूर्णतया अलग थी। उन्होंने भारत को लूटा और शासन की बागडोर अपने हाथ में लेकर भारत को गुलाम बना दिया। भारत का प्रशासनिक ढाँचा इंग्लैंड से तैयार होने लगा।
- भारत पर प्राचीन काल में होने वाले आक्रमणों को निम्नलिखित रूप में सूचीबद्ध किया जा सकता है:
महमूद गज़नवी, मोहम्मद गोरी, नादिरशाह, अफगानियों का आक्रमण, मंगोलों का आक्रमण, तुर्कों का आक्रमण, अंग्रेज़ों का आक्रमण।
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