Wednesday , November 20 2019
Home / Tag Archives: NCERT Solution for Class 9 Hindi Chapter (page 2)

Tag Archives: NCERT Solution for Class 9 Hindi Chapter

मेरे बचपन के दिन: 9th Class (CBSE) Hindi Kshitij Chapter 07

9th Hindi NCERT CBSE Book Kshitij

मेरे बचपन के दिन 9th Class (CBSE) Hindi क्षितिज प्रश्न: ‘मैं उत्पन्न हुई तो मेरी बड़ी खातिर हुई और मुझे वह सब नहीं सहना पड़ा जो अन्य लड़कियों को सहना पड़ता है।’ इस कथन के आलोक में आप यह पता लगाएँ कि: उस समय लड़कियों की दशा कैसी थी? लड़कियों के जन्म के …

Read More »

प्रेमचंद के फटे जूते: 9th Class (CBSE) Hindi Kshitij Chapter 06

9th Hindi NCERT CBSE Book Kshitij

प्रेमचंद के फटे जूते 9th Class (CBSE) Hindi क्षितिज प्रश्न: लेखक की दृष्टि प्रेमचंद के जूते पर क्यों अटक गई? उत्तर: लेखक ने देखा कि प्रेमचंद ने जिस जूते को पहनकर फ़ोटो खिंचाया है, उसमें बड़ा-सा छेद हो गया है। इसमें से प्रेमचंद की अँगुली बाहर निकल आई है। प्रेमचंद ने इस फटे …

Read More »

नाना साहब की पुत्री देवी मैना को भस्म कर दिया गया: 9 Hindi Ch 05

9th Hindi NCERT CBSE Book Kshitij

नाना साहब की पुत्री देवी मैना को भस्म कर दिया गया 9th Class (CBSE) Hindi क्षितिज प्रश्न: नाना साहब कौन थे? उत्तर: नाना साहब सन् 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के प्रसिद्ध क्रांतिकारी थे। वे बिठूर के शासक थे। वहाँ उनका राजमहल था। उन्होंने अंग्रेजों के विरुद्ध बगावत करते हुए कानपुर …

Read More »

साँवले सपनों की याद: 9th Class (CBSE) Hindi Kshitij Ch 04

9th Hindi NCERT CBSE Book Kshitij

साँवले सपनों की याद 9th Class (CBSE) Hindi क्षितिज प्रश्न: साँवले सपनों का हुजूम कहाँ जा रहा है? उसे रोकना संभव क्यों नहीं है? उत्तर: साँवले सपनों का हुजूम मौत की खामोश वादी की ओर जा रहा है। इसे रोकना इसलिए संभव नहीं है क्योंकि इस वादी में जाने वाले वे होते …

Read More »

उपभोक्तावाद की संस्कृति: 9th Class (CBSE) Hindi Kshitij Ch 03

9th Hindi NCERT CBSE Book Kshitij

उपभोक्तावाद की संस्कृति 9th Class (CBSE) Hindi क्षितिज प्रश्न: ‘सुख की व्याख्या बदल गई है’ के माध्यम से लेखक क्या कहना चाहता है? अथवा ‘उपभोक्तावाद की संस्कृति’ पाठ के आधार पर बताइए कि कौन-सी बात सुख बनकर रह गई है? उत्तर: पहले लोगों को त्याग, परोपकार तथा अच्छे कार्यों से मन को जो …

Read More »

ल्हासा की ओर: 9th Class (CBSE) Hindi Kshitij Chapter 02

9th Hindi NCERT CBSE Book Kshitij

ल्हासा की ओर 9th Class (CBSE) Hindi क्षितिज प्रश्न: लेखक ने तिब्बत की यात्रा किस वेश में की और क्यों? उत्तर: लेखक ने तिब्बत की यात्रा भिखमंगों के वेश में की क्योंकि उस समय तिब्बत की यात्रा पर प्रतिबंध था। इसके अलावा डाँडे जैसी खतरनाक जगहों पर डाकुओं से इसी वेश में जान …

Read More »

दो बैलों की कथा: 9th Class (CBSE) Hindi Kshitij Chapter 01

9th Hindi NCERT CBSE Book Kshitij

दो बैलों की कथा 9th Class (CBSE) Hindi क्षितिज प्रश्न: गधा किस अर्थ में रुढ़ हो गया है? और क्यों? उत्तर: गधा ‘मूर्ख’ या बेवकूफ के अर्थ में रुढ़ हो गया है। किसी आदमी को जब बेवकूफ़ कहना चाहते हैं तो उसे गधा कहते हैं। ऐसा उसके सीधेपन और सब कुछ सहन करने …

Read More »

किस तरह आखिरकार मैं हिंदी में आया: 9th Class Hindi Chapter 05

9th Hindi NCERT CBSE Books

किस तरह आखिरकार मैं हिंदी में आया 9th Class (CBSE) Hindi कृतिका प्रश्न: वह ऐसी कौन सी बात रही होगी जिसने लेखक को दिल्ली जाने के लिए बाध्य कर दिया? उत्तर: कवि शायद अपनी पत्नी की बीमारी से मृत्यु के कारण देहरादून से खिन्न हो चुका था या फिर घरवालों द्वारा कुछ ना …

Read More »

माटी वाली: 9th Class NCERT CBSE Hindi Kritika Chapter 04

9th Hindi NCERT CBSE Books

माटी वाली 9th Class (CBSE) Hindi कृतिका प्रश्न: उन परिस्थितियों का उल्लेख कीजिए जिनके कारण टिहरी जैसा शहर माटी वाली की आजीविका कमाने की जगह बना हुआ है, ‘माटी वाली’ पाठ के आधार पर लिखिए। उत्तर: टिहरी शहर भागीरथी और भीलंगाना नामक दो नदियों के तट पर बसा हुआ है। इस शहर की …

Read More »

रीढ़ की हड्डी: 9th Class NCERT CBSE Hindi Kritika Chapter 03

9th Hindi NCERT CBSE Books

रीढ़ की हड्डी 9th Class (CBSE) Hindi कृतिका प्रश्न: रामस्वरूप और गोपाल प्रसाद बात-बात पर “एक हमारा ज़माना था…” कहकर अपने समय की तुलना वर्तमान समय से करते हैं। इस प्रकार की तुलना करना कहाँ तक तर्कसंगत है? उत्तर: इस तरह की तुलना करना बिल्कुल तर्कसंगत नहीं होता। क्योंकि समय के साथ समाज में, …

Read More »