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Tag Archives: Essays for NCERT Syllabus

विजयादशमी पर निबंध विद्यार्थियों के लिए

Dussehra Essay

दीपावली की तरह विजयादशमी भी भारत का एक सांस्कृतिक पर्व है जिसका सम्बन्ध पौराणिक कथाओं से जोड़ा गया है। विजयादशमी नाम से दो बातें स्पष्ट हैं:एक तो यह विजय का पर्व है तथा दूसरे, यह दशमी की तिथि को मनाया जाता है। यह पर्व उत्तर भारत में आश्विन मास के …

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प्रौढ़ शिक्षा पर हिंदी निबंध विद्यार्थियों के लिए: Adult Education

Education

प्रौढ़ का अर्थ है चालीस-पैंतालिस वर्ष की आयु का व्यक्ति। ऐसी आयु के स्त्री-पुरुषों को शिक्षा देना प्रौढ़ शिक्षा कहलाता है। शिक्षा की आयु सामान्यतः सात वर्ष से पच्चीस वर्ष तक मानी जाती है। संसार के अधिकांश व्यक्ति इसी आयु में शिक्षा प्राप्त कर, आजीविका – उपार्जन में समर्थ हो …

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कारगिल युद्ध (ऑपरेशन विजय) पर निबंध विद्यार्थियों के लिए

कारगिल युद्ध पर निबंध

भारत की स्वतंत्रता के साथ ही पाकिस्तान का जन्म हुआ तभी से पाकिस्तान भारत के विरुद्ध अनेक प्रकार के षड्यंत्र रचता रहा हैं। वह 1965 और 1971 में भारत पर आक्रमण कर चूका हैं। प्रत्येक युद्ध में उसकी पराजय हुई हैं। भारत ने क्षमादान के साथ युद्ध में जीती हुई …

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सहशिक्षा पर विद्यार्थियों के लिए निबंध: Co-Education System

Class Discussion: NCERT 5th Class CBSE English

सहशिक्षा (Co-Education System) अर्थ है साथ-साथ शिक्षा पाना अर्थात् पढनेवाले छात्र-छात्राओं का एक ही विद्यालय में, एक ही कक्षा में साथ-साथ बैठकर शिक्षा प्राप्त करना। जब भारत में शिक्षा का प्रारम्भ हुआ तो केवल शिक्षा लड़कों तक सीमित थी। शिक्षा का प्रयोजन आजीविका कमाना था और चूँकि जीविकोपार्जन का भार …

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हानी-लाभ, जीवन-मरण, यश-अपयश विधि हाथ: हिंदी निबंध

राष्ट्रीय एकता

जीव को ब्रह्म का अंध कहा गया है ‘ईश्वर अंश जीव अविनाशी।‘ ब्रह्म का अंश होते हुए भी मनुष्य अपूर्ण है, सदा सफल नहीं होता, अनेक आपदाएँ और कष्ट है, सुख-दुःख का चक्र निरन्तर चलता रहता है। जो सोचता है, कल्पना करता है, अनुमान लगाता है वह मिथ्या सिद्ध होता …

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सबै दिन जात न एक समान: विद्यार्थियों के लिए हिंदी निबंध

Delhi Metro

इसे सूक्ति में दिन का वाच्यार्थ दिन है और ध्वन्यार्थ है काल। दिन भी बदलते रहते हैं। दिन के बाद रात और रात के बाद दिन आता है। दिन भी भिन्न-भिन्न ऋतुओं में अपने स्वरूप और कालावधि में बदलता रहता है; ग्रीष्म ऋतु में दिन पहाड़ जैसा लम्बा हो जाता …

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मनुष्य है वही कि जो मनुष्य के लिए मरे: हिंदी निबंध

Maithili Sharan Gupt

राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त की इन पंक्तियों में मरने का अर्थ केवल मरना नहीं हैं, अपितु समाज, देश, सम्पूर्ण मानवजाती के हित के लिए त्याग, बलिदान, परोपकार करते हुए यदि आवश्यकता पड़े तो प्राण दान भी है। मनुष्य की मनुष्यता, मानवता केवल अपना पेट भरने में नहीं है, पेट तो कुत्ते, …

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संयुक्त राष्ट्र संघ: अंतरराष्ट्रीय संगठन पर विद्यार्थियों के लिए निबंध

United Nations Organisation Flag

अंतरराष्ट्रीय संगठन – संयुक्त राष्ट्र संघ पर विद्यार्थियों के लिए हिंदी निबंध प्रथम महायुद्ध की विभीषिका, नर-संहार, नगरों के विनाश को देखकर लगा कि आगामी युद्धों के कारण मानव जाती का अस्तित्व ही खतरे में पड़ सकता है क्योंकि युद्ध में तो अपार जन-धन की हानी होती ही है, उसके …

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