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Tag Archives: Easy Hindi Essays

हानी-लाभ, जीवन-मरण, यश-अपयश विधि हाथ: हिंदी निबंध

राष्ट्रीय एकता

जीव को ब्रह्म का अंध कहा गया है ‘ईश्वर अंश जीव अविनाशी।‘ ब्रह्म का अंश होते हुए भी मनुष्य अपूर्ण है, सदा सफल नहीं होता, अनेक आपदाएँ और कष्ट है, सुख-दुःख का चक्र निरन्तर चलता रहता है। जो सोचता है, कल्पना करता है, अनुमान लगाता है वह मिथ्या सिद्ध होता …

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सबै दिन जात न एक समान: विद्यार्थियों के लिए हिंदी निबंध

Delhi Metro

इसे सूक्ति में दिन का वाच्यार्थ दिन है और ध्वन्यार्थ है काल। दिन भी बदलते रहते हैं। दिन के बाद रात और रात के बाद दिन आता है। दिन भी भिन्न-भिन्न ऋतुओं में अपने स्वरूप और कालावधि में बदलता रहता है; ग्रीष्म ऋतु में दिन पहाड़ जैसा लम्बा हो जाता …

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मनुष्य है वही कि जो मनुष्य के लिए मरे: हिंदी निबंध

Maithili Sharan Gupt

राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त की इन पंक्तियों में मरने का अर्थ केवल मरना नहीं हैं, अपितु समाज, देश, सम्पूर्ण मानवजाती के हित के लिए त्याग, बलिदान, परोपकार करते हुए यदि आवश्यकता पड़े तो प्राण दान भी है। मनुष्य की मनुष्यता, मानवता केवल अपना पेट भरने में नहीं है, पेट तो कुत्ते, …

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संयुक्त राष्ट्र संघ: अंतरराष्ट्रीय संगठन पर विद्यार्थियों के लिए निबंध

United Nations Organisation Flag

अंतरराष्ट्रीय संगठन – संयुक्त राष्ट्र संघ पर विद्यार्थियों के लिए हिंदी निबंध प्रथम महायुद्ध की विभीषिका, नर-संहार, नगरों के विनाश को देखकर लगा कि आगामी युद्धों के कारण मानव जाती का अस्तित्व ही खतरे में पड़ सकता है क्योंकि युद्ध में तो अपार जन-धन की हानी होती ही है, उसके …

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बेरोजगारी की समस्या पर हिन्दी निबंध विद्यार्थियों के लिए

Unemployment

भारत में आज ‘एक अनार सौ बीमार‘ कहावत चरितार्थ हो रही है। एक रिक्त स्थान के लिए सौ से अधिक प्रार्थनापत्र भेजे जाते हैं, एक पद के लिए सैकड़ों प्रत्याशी ‘क्यू’ लगाकर साक्षात्कार के लिए खड़े अपनी बारी की प्रतीक्षा करते देखे जाते हैं। यह सब बेरोजगारी के ही लक्ष्ण …

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बाल-मजदूर समस्या पर हिन्दी निबंध विद्यार्थियों के लिये

Child labour

बच्चा भगवान का प्रतिरूप होता, बच्चा भगवान की देन है, ‘child is the father of man‘ आदि उक्तियाँ बच्चों का महत्त्व बताती है; उसका गुणगान करती हैं। वस्तुतः बच्चे का भोलापन, नटखटपन, बाल-सुलभ चेष्टाएँ, बाल-क्रीड़ाएँ सबको मुग्ध कर देती हैं और मानव बच्चे के प्रति ममत्व अनुभव करने लगता है, …

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बन्धुआ मजदूर समस्या पर हिन्दी निबंध विद्यार्थियों के लिये

Child labour

बहुत पुराने जमाने में गुलाम-प्रथा अर्थात् आदमी को बेचने-खरीदने का रिवाज था। इसके अन्तर्गत सम्पन्न व्यक्ति पुरुषों को परिश्रम के लिए तथा स्त्रियों को अपनी वासना-पूर्ति के लिए कुछ धन देकर जीवन-भर के लिए अपना दास बना लेता था। समय के साथ जागरूकता, मानवता, मनुष्य को मनुष्य होने के नाते …

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भ्रष्टाचार के बढ़ते कदम – भ्रष्टाचार तेरे रूप अनेक पर निबंध

Corruption

भ्रष्टाचार का अर्थ है भ्रष्ट आचरण अर्थात् ऐसा आचार-व्यवहार, ऐसे कार्य जो नीति-विरुद्ध हों, जो दूसरों को कष्ट देते हों। दूसरों को पीड़ा पहुँचना सबसे बड़ा पाप है, तुलसीदास कह गये हैं, ‘पर पीड़ा सम नहिं अधमाई।’ परन्तु आज कलियुग है, पाप-पुण्य के सम्बन्ध में सोचने और पाप-पुण्य की समीक्षा …

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भारत में राजभाषा समस्या पर विद्यार्थियों के लिए हिन्दी निबंध

Hindi Grammar

राजभाषा वह भाषा होती है जिसे प्रशासनिक कार्यों के लिए या कहें राजकार्य के लिए शासन तंत्र के विभिन्न मंत्रालयों, विभागों, कार्यालयों, न्यायालय या संसद आदि में प्रयुक्त किया जाता है। यह आवश्यक नहीं कि राजभाषा एवं राष्ट्रभाषा एक ही हो। राष्ट्रभाषा तो राजभाषा हो सकती है, परंतु राजभाषा राष्ट्रभाषा …

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राष्ट्रभाषा हिन्दी: दशा और दिशा पर विद्यार्थियों के लिए हिन्दी निबंध

हिंदी

जिस प्रकार राष्ट्र ध्वज, राष्ट्र पक्षी, राष्ट्र पशु देश की एकता के प्रतिक होते हैं वैसे ही राष्ट्रभाषा भी। जो भाषा थोड़ी-बहुत सम्पूर्ण राष्ट्र में बोली और समझी जाती है वही राष्ट्रभाषा होती है। उसका प्रयोग राष्ट्र के सामान्य जन करते हैं, वह सारे देश की सम्पर्क भाषा होती है। …

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