Monday , July 13 2020
Pastoralists in the Modern World

बाल मजदूरी / बाल श्रम पर विद्यार्थियों और बच्चों के हिंदी भाषण

भाषण देना, समूह चर्चा आदि छात्र के स्कूली जीवन की कुछ महत्वपूर्ण आवश्यकताएं हैं क्योंकि इस तरह की गतिविधियाँ, उनके लोगों के सामने अपने विचारों को रखने के डर को खत्म करने के द्वारा उनमें नेतृत्वकारी गुणों को विकसित करने में मदद करती हैं। आज-कल, विद्यार्थियों के लिए बढ़ती हुई प्रतिस्पर्धा के कारण शैक्षणिक गतिविधियों के अलावा अन्य गतिविधियों में भी भाग लेना बहुत आवश्यक हो गया है। उन्हें मौका मिलने पर ऐसी गतिविधियों में अवश्य भाग लेना चाहिये और भाषण प्रतियोगिता में भाग लेना ही केवल इकलौती कला है जिससे कि वो सबके समाने अपने विचारों को रखने की झिझक को खत्म कर सकते हैं। यहाँ हम बाल श्रम पर बहुत से भाषण प्रदान कर रहे हैं। सभी बाल श्रम पर भाषण बहुत ही सरल और साधारण शब्दों में लिखे गए हैं जिसमें से, आप किसी भी भाषण को अपनी आवश्यकता के अनुसार चुन सकते हैं।

बाल मजदूरी या बाल श्रम पर हिंदी भाषण

बाल मजदूरी / बाल श्रम पर भाषण 1

आदरणीय मान्यवर, प्राचार्य महोदय, शिक्षक एंव शिक्षिकाएं, मेरे वरिष्ठ और मेरे साथियों को सुप्रभात। मेरा नाम… है। मैं कक्षा………. में पढ़ता / पढ़ती हूँ। आज हम इस उत्सव को मनाने के लिए यहाँ एकत्र हुए हैं, इसलिए, मैं बाल मजदूरी पर भाषण देना चाहता / चाहती हूँ। मैं अपनी कक्षा अध्यापिका की बहुत आभारी हूँ, कि उन्होंने मुझे इस महान अवसर पर, इस विषय पर भाषण देने की अनुमति प्रदान की।

मेरे प्यारे दोस्तो, एक तरफ तो मैं भारत का / की नागरिक होने पर बहुत गर्व महसूस करता / करती हूँ, हालांकि, वहीं दूसरी तरफ यह तथ्य मुझे शर्मिंदा करता है, कि हमारा देश पूरे विश्व में बाल मजदूरों की बड़ी संख्या का घर है। वो भी केवल कुछ लालची और चालक भारतीय नागरिकों के कारण जो छोटे से बच्चों को जोखिम वाली मजदूरी के कार्यों में बहुत कम वेतन पर अधिक लाभ प्राप्त करने के लिए लगाते हैं। वो कभी भी अपने देश के विकास के बारे में नहीं सोचते; वो बहुत स्वार्थी होते हैं और केवल अपना लाभ चाहते हैं। सबसे अधिक बाल श्रमिक ग्रामीण क्षेत्रों में, कृषि में, और शहरी इलाकों में – खनन, जरी, कढ़ाई आदि उद्योगों में पाये जाते हैं।

बाल मजदूरी के कुछ प्रमुख कारण गरीबी, सभी के लिए आधारभूत सुविधाओं की कमी, सामाजिक सुरक्षा की कमी आदि है। समाज में अमीर और गरीब लोगों के बीच बहुत बड़ा अन्तर, आधारभूत सुविधाओं की सीमितता और बहुत बड़े स्तर पर असमानता है। इस प्रकार के सामाजिक मुद्दे समाज में, विशेषरुप से गरीबों के बच्चों पर अन्य आयु वर्ग की तुलना में प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं।

बेकार स्थिति और कम ज्ञान के कारण, गरीब बच्चे कम वेतन पर कठिन कार्य करने को तैयार हो जाते हैं, वहीं वो शहरी क्षेत्रों में घरेलू नौकर की तरह प्रयोग किये जाते हैं। बाल श्रम की यह हालत लगभग गुलामी की स्थिति जैसी ही दिखती है। अधिकतर माता-पिता बच्चों को जन्म केवल रुपये कमाकर उनकी वित्तीय स्थिति को मजबूत करने के लिए देते हैं। वो अपने बच्चों को घरेलू कामों में अपने सहयोगी के रुप में शामिल करते हैं। हम आमतौर पर बच्चों को चाय के स्टालों, ढाबों, होटलों और अन्य जोखिम वाले कार्य को करते हुए देखते हैं।

यह देखा गया है कि बाल मजदूरी में शामिल बच्चे सामान्य रुप से अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़े वर्ग और मुस्लिम वर्ग से जुड़े होते हैं। इसका अर्थ है कि जातिवाद (निम्न जाति के गरीब लोग) भारत में बाल श्रम का बड़ा कारण है। इस तरह के एक उन्नत युग में इसके अस्तित्व का कारण अप्रभावी कानून, बुरी प्रशानिक व्यवस्था, इसे पूरी तरह से खत्म करने की राजनीतिक इच्छा की कमी और नियोक्ताओं को भारी लाभ हैं।

बाल मजदूरी का एक और दूसरा रुप बंधक बाल मजदूरी भी है जो सामान्यतः अनौपचारिक क्षेत्रों में पायी जाती है। इसमें, गरीब बच्चे एक नियोक्ता के अधीन ऋण, वंशानुगत ऋण या परिवार द्वारा सामाजिक कर्तत्व के कारण बंधक बन जाते हैं। हम बंधुआ मजदूरी को गुलामी का एक रुप कह सकते हैं। बंधुआ बाल मजदूर शारीरिक और यौन शोषण और किसी भी प्रकार की लापरपवाही के कारण मौत की ओर उन्मुख हैं। वो मानसिक और मनोवैज्ञानिक रूप से बीमार हो जाते हैं और उनके पास जीवित रहने के लिए अन्य कोई विकल्प नहीं होता है। देश के युवा होने के नाते, हमें राष्ट्र के लिए अपने दायित्वों को समझना चाहिये और इस सामाजिक मुद्दे का उन्मूलन करने के लिए कुछ सकारात्मक कदम उठाने चाहिये।

धन्यवाद।

यदि सुरक्षित होगा बचपन, बन जायेगा भविष्य उज्ज्वल।

जय हिन्द, जय भारत।

Check Also

Kargil War

Kargil Vijay Diwas Speech For Students And Children

India is the land of the brave warriors, we fight to claim what is ours. …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *