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रंग लाई बिहार बोर्ड के टॉपर पवन कुमार की मेहनत: प्राप्त किए 94.6%

रंग लाई बिहार बोर्ड के टॉपर पवन कुमार की मेहनत: प्राप्त किए 94.6%

ड्राइवर और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के 17 वर्षीय बेटे पवन कुमार ने 12वीं के साइंस स्ट्रीम में प्राप्त किए 94.6 प्रतिशत अंक

कहते हैं कि मन में मेहनत करने की लग्न और कुछ कर दिखाने का जज्बा हो तो कितनी और कैसी भी बाधाएं रास्ता नहीं रोक सकती हैं। बिहार बोर्ड की साइंस स्ट्रीम में 12वीं की परीक्षाओं में टॉप करने वाला पवन कुमार भी इस बात की मिसाल है। अधिक वक्त नहीं गुजरा है जब बिहार के अरवल जिले में किंजर-उज्जैनपट्टी गांव निवासी पवन को यह तक भरोसा नहीं था कि वह पढाई जारी भी रख पाएगा या नहीं। उसके बेरोजगार पिता की तबियत खराब रहती थी और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के रूप में उसकी मां की नाममात्र कमाई परिवार के 9 सदस्यों का पेट भरने के लिए भी कम पड़ रही थी। लेकिन किस्मत ने उसका साथ दिया और उसके पिता को झारखंड पुलिस विभाग में ड्राइवर की नौकरी मिल गई। इसके 2 साल बाद पवन ने 94.6 प्रतिशत अंकों के साथ बिहार इंटरमिडीएट परीक्षा में साइंस स्ट्रीम में टॉप किया है। पिता को नौकरी मिलने के बाद पूरा ध्यान पढाई पर देने के लिए उसने घर से 16 किलोमीटर दूर जहानाबाद जिले में किराए पर कमरा लेकर तैयारी शुरू की और कोचिंग क्लास से लौटने के बाद भी रोज 10 घंटे पढाई करता था गणित उसका पसंदीदा विषय है। जिसमें उसने 100 में 98 अंक प्राप्त किए हैं।

मिला 1 लाख नकद ईनाम:

तीनों स्ट्रीम्स – आर्ट्स, साइंस तथा कॉमर्स के टॉपर्स को एक-एक लाख रुपए का नकद पुरस्कार मिलेगा जबकि दूसरे और तीसरे स्थान पर रहने वाले छात्रों को 75,000 और 50,000 रुपए ईनाम में दिए जाएंगे। इसके अलावा उन सभी को एक-एक लैपटॉप तथा किंडल ई – रीडर भी मिलेंगे।

लगा था कि टॉप 10 में आऊंगा:

किंजर सरकारी हाई स्कूल के छात्र पवन ने कहा, “मुझे लग रहा था कि में टॉप 10 छात्रों में से एक हो सकता हूं लेकिन परिणाम घोषित हुए तो टॉपर बनना मेरे लिए सच में आश्चर्य से कम नहीं था। मैं अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और अपने स्कूल तथा कोचिंग सैंटर के शिक्षकों को देता हूं।” 17 वर्षीय पवन की 3 बड़ी बहनें, 1 छोटा भाई और घर पर बूढ़े दादा-दादी हैं। उसकी बहनें भी पढाई में अच्छी हैं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही हैं।

बेटे की उपलब्धि पर गौरवान्वित हैं पिता:

पवन के पिता सुनील कुमार अपने बेटे की इस उपलब्धि पर गर्व से फूले नहीं समा रहे हैं। अपनी खुशी जाहिर करते हुए वह कहते हैं, “हम एक छोटे से गांव से हैं और हमारी कमाई भी सिमित है। तमाम बाधाओं के बावजूद पवन ने परीक्षा में टॉप किया। यह सब उसकी निरंतर कड़ी मेहनत के कारण हुआ है।”

बनना चाहता है आर्मी अफसर:

पवन की मां माधुरी सिन्हा बताती हैं कि उनका बेटा एक अफसर बनेगा। पिता चाहते हैं कि पवन IPS अफसर बने हालांकि, पवन से उसकी अभिलाषा पूछने पर उसने कहा, “बचपन से मेरा जुनून रहा है कि बड़ा होकर मैं एक सैनिक बनूंगा। मुझे सेना की वर्दी बहुत पसंद है। अब मैं एक आर्मी अफसर बनना चाहता हूं और जल्द ही राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) की प्रवेश परीक्षा की तैयारी शुरू करूंगा।”

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