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समाचार पत्र पर विद्यार्थियों और बच्चों के लिए हिंदी निबंध

समाचार पत्रों का हमारे जीवन में बड़ा महत्त्व है। इसके बिना आधुनिक जीवन की कल्पना कठिन है। समाचार प्राप्त करने के ये सबसे लोकप्रिय और सस्ते साधन हैं। प्रतिदिन लाखों लोग देश में इनको पढ़ते हैं। अनेक भाषाओँ में और अनेक नगरों से ये प्रकाशित होते हैं। लोगों के दिन का प्रारंभ ही इनके पढ़ने से होता है। यदि किसी दिन, किसी कारण, समाचार पत्र पढ़ने को नहीं मिलते, तो बड़ा सूना-सूना लगता है।

एक अच्छे समाचार पत्र में कई चीजें होती हैं। यह ताजा और नये समाचार देता है। जो देश-विदेश के बारे में होते हैं। रिक्त स्थानों के इस में विज्ञापन होते हैं। बहुत रोचक और ज्ञानवर्धक, लेख, कहानियां, कार्टून, प्रकाशकीय आदि भी इसमें विस्तार से होते हैं। व्यापार, सांस्कृतिक, सामाजिक, खेलकूद जैसे विषयों पर भी इसमें बहुत समग्री और सूचनाएं होती हैं। सरकार की नीतियों, कार्यक्रमों का विवरण भी इनमें विस्तार से होता हैं। साथ ही जनता की प्र तिक्रिया और राय इसमें होती हैं। शादी-विवाह संबंधी सूचनाएं, विज्ञापन भी इनका एक और आकर्षण है।

केवल 2-3 रूपये में समाचार पत्र हमें सारे देश, समाज और विश्व से जोड़े रखते हैं। विभीन्न लोग विभिन्न कारणों से समाचार पत्र पढ़ते हैं। विद्यार्थियों का सामान्य ज्ञान इससे बढ़ता है, व्यापारियों को अपने व्यवसाय की जरूरी जानकारी मिलती है, तो नेतागण को राजनीतिक हलचलों का पता चलता है। कुछ लोग खेलकूद संबंधी समाचारों के लिए इसे पढ़ते हैं, तो कुछ अन्य लोग फिल्म और मनोरंजन की सामग्री के लिए। समाचार पत्रों में सभी के लिए कुछ-न-कुछ अवश्य रहता है। महिलाओं के लिए इनमें बहुत उपयोगी सामग्री रहती है। फुर्सत के समय भी एक समाचार पत्र हमारा बड़ा अच्छा साथी सिद्ध होता है। इनके कारण हजारों लोगों को नौकरी और काम मिला हुआ है। अगर ये नहीं रहें तो सब निठल्ले और बेरोजगार हो जायेंगे।

लोकतंत्र में तो समाचार पत्रों का और भी महत्त्व बढ़ जाता है। ये जनता की राय जानने के बहुत अच्छे साधन हैं। जनमत बनाने में भी इनकी बड़ी भूमिका रहती है। विभिन्न राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक, राष्ट्रिय और अंतराष्ट्रीय विषयों पर टिप्पणियां, लेख और इनमें राय होती हैं। इनके द्वारा अनेक लोगों को रोजगार मिलता है। पुस्तकों, फिल्मों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, कला वस्तुओं पर भी विषेशज्ञों के विचार इनमें होते हैं। इस तरह समाचार पत्र कई प्रकार से हमारे लिए उपयोगी हैं। टेलीविजन की बढ़ती हुई लोकप्रियता के बावजूद भी इनकी आवश्यकता और उपयोगिता हमेशा बनी रहेगी।

समाचार पत्रों का दुरूपयोग भी हो सकता है। यदि वे स्वार्थी, संकीर्ण और ओछे के हाथों में हों, तो वे घृणा, अफवाहें, जातीय वैमनस्य, हिंसा, तनाव आदि फैल सकते हैं। वे जनमत को गुमराह कर सकते हैं। देश के जीवन में विष भर सकते हैं। समाचार पत्र बहुत शक्तिशाली माध्यम है। इनका उपयोग अहित में भी किया जा सकता है। यदि समाचार पत्रों के मालिकों का ध्येय केवल रुपया कमाना ही हो, तो ये हमारे लिए बड़ा संकट खड़ा कर सकते हैं। सनसनीखेज खबरें छापकर, अश्लील सामग्री देकर या फिर अफवाहें फैलाकर ये समाज में अराजकता ला सकते हैं।

एक अच्छा समाचार पत्र वरदान है, तो बुरा एक शाप और विष। एक बुरा समाचार पत्र अनैतिकता को बढ़ावा दे सकता है, हिंसा फैला सकता है या फिर सांप्रदायिक घृणा। दूसरों पर कीचड़ उछलने या या किसी के चरित्र-हनन के लिए भी इनका दुरूपयोग होते देखा गया है। इन सब कमियों के होते हुए भी ये आवश्यक हैं। इनको पढ़ने में लगाया गया समय व्यर्थ नहीं जाता।उससे जो ज्ञान मिलता है, दृष्टि-विस्तार होता है और देशप्रेम बढ़ता है, वह किसी और तरह से संभव नहीं। आवश्यकता इस बात की है कि समाचार पत्र निष्पक्ष और ईमानदार हों।

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