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फलों के राजा आम पर हिंदी में निबंध

भारत में अनेक प्रकार के फल जैसे अंगूर, सेब, केला, संतरा, अमरूद, लीची, अनार आदि पाए जाते हैं। जो हमारे शरीर में पहुँचकर किसी न किसी विटामिन की कमी की पूर्ति करते रहते हैं। मेरा प्रिय फल आम है।

भारतीय आम विश्व में अपने लज्जत और स्वाद के लिए प्रसिद्ध है। आम उत्पादक देशों में भारत का स्थान सर्वप्रथम है। संसार के कुल आम के उत्पाद का 64 प्रतिशत भाग लगभग भारत पैदा करता है। भारत में आमों के दसहरी, लंग्डा, चौसा, अलफांसो, आम्रपाली, नीलम, तोतापरी, गोला, कलमी, सफेदा आदि नामों से लोग परिचित हैं। भारत के अतिरिक्त आम के उत्पादक देश मैक्सिको, वेनेजुएला, मलेशिया और जमाइका माली है। विदेशी आमों में टॉर्मा, एटकिल, क्टें और वाटर लिलि प्रसिद्ध हैं। केंट आम देखने में हुबहू सूर्ख अनार जैसा दिखता है।

आम का रंग सफेद, पीला, हरा, सुनहरी, सेब और अनार की तरह सुर्ख लाल भी होता है।

आम की पैदावार करने वाले राज्य उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, उड़ीसा, बिहार, तमिलनाडु, महाराष्ट्र और आसाम है। विदेशी मुद्रा अर्जित करने का प्रमुख स्रोत फलों का राजा ‘आम’ है। खाड़ी देशों और यूरोप में भारतीय आम की बहुत मांग है। ग्रीष्म ऋतु में सूर्य की किरणों से तपते मनुष्यों को आम का फल और रस आनन्दित करता है।रसीले आम गर्मी में शान्ति प्रदान करते हैं। आम मात्र फल ही नहीं है यह घरेलू चिकित्सा के भी काम आता है। कच्चा-पका आम, छाल, गुठली, पत्तियों और फूल सभी औषधि बनाने के काम आती है। यह वात, कफ, अतिसार, दस्त, कब्ज, पेचिस, बवासीर आदि रोगों को नष्ट करता है। पोलियों के रोगी के लिए आम का सेवन लाभप्रद है।

आम के अनेक प्रकार के खाद्य पदार्थ है जैसे – कच्चे आम को सुखाकर अमचूर, मीठे आम में चीनी और दूध मिलाकर लस्सी (मैगों-शेक), आम के रस को अनेक बार सुखाकर आम पापड़, आम के नए कोमल पत्तों को सुखाकर चूर्ण, अचार, चटनी, मुरब्बे, टॉफी, जैम, शर्बत आदि बनाए जाते हैं। आम में कैरोटीन पाया जाता है। जो शरीर में विटामिन ‘ए’ की कमी को पूरा करता है।

आम की प्रसिद्धि का अनुमान इस बात से लगाया जा सकता है कि दिल्ली में प्रतिवर्ष होने वाले अंतर्राष्ट्रीय आम उत्सव एक चिरप्रतीक्षित नाम बन गया है। दिल्ली पर्यटन एवम् परिवहन निगम द्वारा आयोजित इस उत्सव में आम एवम् उससे बने खाद्य पदार्थों की प्रदर्शनी और बिक्री के साथ-साथ रंगारंग कार्यक्रमों का आयोजन, बाकायदा एक मेले का रूप ले लेता है। इसमें लगभग 500 किस्म के आम प्रदर्शित किए जाते हैं। ‘आम खाओ’ जैसी दिलचस्प प्रतियोगिता आयोजित की जाती है।

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