Tuesday , April 25 2017
Home / Essays / Essays in Hindi / Hindi Essay on Postman डाकिया (पत्रवाहक) पर निबंध
Hindi Essay on Postman डाकिया (पत्रवाहक) पर निबंध

Hindi Essay on Postman डाकिया (पत्रवाहक) पर निबंध

जिस प्रकार सफाई कर्मचारी, दूध वाला, अखबार वाला वाला हमारी नियमित रूप से सेवा करते हैं, उसी प्रकार डाकिया भी समाज में जन-सेवक की महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। चौकीदार रात और दिन में गली, मुहल्लों में चौकसी करते हैं। जैसे सिपाही और होमगार्ड के जवान असामाजिक तत्त्वों से रक्षा करते हैं, वैसे ही डाकिया भी घर-घर जा कर पत्रों, मनीआर्डर (धनादेश) और अन्य वस्तुओं का वितरण करता है।

डाकिया डाक एवं तार विभाग के अंतर्गत सरकारी कर्मचारी है। उस का कार्य बड़ा महत्वपूर्ण एवं कठोर है। सर्दी-गर्मी, बरसात में उस का कार्य निर्बाध रूप से चलता रहता है। घर-घर जाकर पत्र बाँटना, तार पहुँचना, रजिस्ट्री पहुँचाना उस का दैनिक कार्य है। सरकार की ओर से उसे निःशुल्क वर्दी दी जाती है।

उसे प्रतिदिन मुख्य डाकघर से उस के निर्धारित क्षेत्र की डाक दे दी जाती है। वह साइकिल द्वारा डाक बाँटता है। एक कर्त्तव्य निष्ठ डाकिया प्रत्येक पत्र को निश्चित स्थान तक पहुँचाता है। परन्तु कुछ डाकिए कार्य-भार अधिक होने पर साधारण पत्रों को कहीं नाले में फैंक देते हैं। कभी-कभी जला भी देते हैं। कई बार मनीआर्डर की रकम हड़प कर जाते हैं। अतः डाकिए का ईमानदार होना आवश्यक है। अधिकांश डाकिए कर्तव्य परायण होते हैं पर कुछ दुष्ट प्रकृति के लोग भी होते हैं। सरकार को चाहिए कि उन पर अंकुश लगाये। समय-समय पर उनकी जाँच कराये।

जन्म-दिन, दीपावली, नववर्ष और परीक्षाफल के अवसर पर सभी को डाकिए की प्रतीक्षा रहती है। ऐसे अवसरों पर अनेक बधाई पत्र और उपहार डाक द्वारा ही लोग अपने प्रिय जनों को भेजते हैं। जब परीक्षा परिणाम घोषित होता है, तब तो छात्र-छात्राएं एवं उनके अभिभावक डाकिए को घेर लेते हैं। ऐसे अवसर पर बहुत से लोग डाकिए को नकद पुरस्कार और मिठाई भी दे देते हैं।

जो डाकिये नगरों में डाक बाँटते हैं, उनकी अपेक्षा ग्रामीण क्षेत्रों में कार्य करने वाले डाकियों का कार्य बड़ा कठिन होता है। कई बार उस का सामना चोरों और लुटेरों से भी हो जाता है। सरकार को चाहिए कि विकट परिस्थितियों में कार्य करने वाले कर्मचारियों को सुरक्षा उपलब्ध कराये।

आज भयंकर महँगाई का युग है। इन कर्मचारियों के वेतन वृद्धि की जानी चाहिए। सर्दियों में उन्हें गर्म वर्दी और बरसात में बरसाती दी जानी चाहिए, जिससे उनकी कार्य कुशलता में वृद्धि हो सके।

Check Also

hindi-essay-on-my-father

Hindi Essay on My Father मेरे पिताजी पर निबन्ध

मेरे पिताजी मेरे पिताजी केन्द्रीय सचिवालय में कार्य करते हैं। उनका ऑफिस सप्ताह में पांच …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *