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Hindi Essay on My Best Friend मेरा श्रेष्ठ मित्र पर निबंध

मेरा श्रेष्ठ मित्र पर निबंध

अंग्रेजी में एक कहावत है कि “A friend in need is a friend indeed” अर्थात आवश्यकता पड़ने पर जो काम आये वही श्रेष्ठ मित्र है। मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है। वह समाज में अकेला नहीं रह सकता। उसे समाज के साथ चलने के लिए, सुख दुःख में हाथ बटाने के लिए, अपने मन की बात कहने के लिए एक विश्वसनीय मित्र की आवश्यकता होती है। मित्रता के विषय में यह भी कहा गया है, मित्रता की नहीं जाती, हो जाती है, इस कथन में कुछ सत्यता प्रतीत होती है। एक दूसरे के सम्पर्क में आने से परिचय होता है, मन मिलने पर अर्थात एक – दूसरे का व्यवहार पसंद आने पर परिचय प्रगाढ़ता में बदल जाता है और मित्रता का रूप ग्रहण कर लेता है।

भारत वर्ष में कृष्ण और सुदामा की मित्रता, राम और सुग्रीव की मित्रता के उदाहरण दिए जाते हैं। तुलसीदास जी ने अच्छे मित्र के लक्षण बताते हुए कहा है कि जो व्यक्ति अपने मित्र के दुर्गुणों को छिपाता है, गुणों को प्रकट करता है, एक दूसरे पर पूर्ण विश्वास करता है, आपत्ति आने पर मित्र के साथ खड़ा होता है, वही श्रेष्ठ मित्र है।

मेरा भी ऐसा एक श्रेष्ठ मित्र है। उस का नाम अशोक है। वह मेरा सहपाठी है। हम दोनों साथ – साथ ही रहते हैं। हम दोनों के परिवार आज से दस – बारह वर्ष पूर्व एकाध महीने के अन्तराल में आकर बसे थे। तभी से हमारी मित्रता का प्रारम्भ हुआ। अशोक के पिता जी अध्यापक हैं और मेरे पिताजी बैंक कर्मचारी हैं। अशोक के पिताजी ही हम दोनों को स्कूल में प्रवेश दिला कर गये थे। तभी से, मैं और अशोक निरन्तर एक दूसरे से घुलते – मिलते चले गये।

अशोक का कद 5’4″ है। हम दोनों सातवीं कक्षा में पढ़ते हैं। वह बहुत परिश्रमी है। अध्यापिकों की बातें वह बड़ी ध्यान से सुनता है और आवश्यक बातें कापी पर नोट कर लेता है। उस का लेख बहुत सुन्दर है। वह सदैव अच्छे अंक प्राप्त करता है। अच्छा विद्यार्थी होने के साथ – साथ वह अच्छा खिलाड़ी भी है। वह फुटबाल की जूनियर टीम का कप्तान है। उस का व्यवहार बड़ा मधुर है। वह अध्यापिकों और छात्रों में समान रूप से लोकप्रिय है।

वह सदैव समय पर स्कूल आता है। उसकी पोशाक साफ – सुथरी होती है। जूते पॉलिश होते हैं। उसके दांत मोती की तरह चमकते हैं। नाखून कटे होते हैं। वह मेरे साथ ही एक डैस्क पर बैठता है। हम गणित और विज्ञान के जटिल प्रशनों को मिलकर हल करते हैं। मैं अंग्रेजी में अच्छा ज्ञान रखता हूँ। इस प्रकार एक दूसरे के सहयोग से हम अच्छे अंक प्राप्त करने में सफल होते हैं। वह विद्यालय के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी वह मेरा साथ साथ देता है।

संध्या समय हम दोनों साथ खेलते हैं। कभी – कभी एक दूसरे के घर भी जाते हैं। एक बार जब मेरे पिताजी बीमार हो गये, तब वह मेरे साथ शाम को प्रायः अस्पताल जाता था। उस के पिताजी बाबूजी का हाल – चाल पूछ जाते थे।

मुझे अपने मित्र पर गर्व है। मैं चाहता हूँ कि हमारी मित्रता सदैव बनी रहे। मुझे विश्वास है कि यह कभी खंडित नहीं होगी।

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