Friday , November 15 2019
Home / Essays / Essays in Hindi / फलों की उपयोगिता पर निबंध Hindi Essay on Importance of Fruits
फलों की उपयोगिता पर निबंध Hindi Essay on Importance of Fruits

फलों की उपयोगिता पर निबंध Hindi Essay on Importance of Fruits

हमारे जीवन में फलों का बहुत महत्व है। हमारे शरीर में जाकर वे विटामिन, कैल्शियम आदि की कमी को पूरा करते हैं। एक प्रसिद्ध कहावत है कि – “प्रतिदिन एक सेब खाया जाए तो जीवन भर डाक्टर की आवश्यकता नहीं रहती”। यह उपलक्षण मात्र है। कहने का तात्पर्य यह है कि प्रतिदिन आहार में फलों का उपयोग करने से व्यक्ति स्वस्थ रहता है।

व्यक्ति को सदैव फलों का सेवन करना चाहिए। फल ताजे तथा ऋतु अनुसार खाने चाहिए। मौसम के फल ताजे और पौष्टिक होते हैं। फल के सूख जाने पर उनके विटामिन नष्ट हो जाते हैं। फलों को देख-परख कर लेना चाहिए। कटे हुए, सड़े और पेड़ से गिरकर फटे हुए फल नहीं खाने चाहिए, उनमें कीटाणु होने की सम्भावना रहती है। बाजारों में कटे हुए या छीले हुए फल हो, उन्हें भी नहीं खरीदना चाहिए, क्योंकि उन पर तरह-तरह के कीटाणु बैठते हैं। खाने के साथ वह कीटाणु हमारे शरीर में पहुँच कर तरह-तरह के रोग उत्पन्न करते हैं। हैजा जैसी बीमारियाँ भी ऐसे ही होती हैं।

फल की उत्पादन शक्ति को बढ़ाने के लिए हमारे देश के वैज्ञानिक तरह-तरह की खोज करते हैं। नए-नए बीजों का निर्माण किया जाता है। कुछ बीज विदेशों से भी खरीदे जाते हैं और अपने यहाँ के बीज विदेशों में भी जाते हैं। इसी तरह के आदान-प्रदान से लोगों को नई-नई किस्म के फल उपलब्ध होते हैं। फलों को कीटाणुओं से बचाने के लिए उनके ऊपर तरह-तरह की कीटनाशक दवाइयों का प्रयोग किया जाता है। फलों को सुन्दर बनाने के लिए उनको बेचने से पहले तरह-तरह के रंग लगा दिये जाते हैं, जिससे ग्राहक उसे देखकर आकर्षित हो और खरीद ले। ये कीटनाशक दवाइयां और रंग किसी तरह फलों के अन्दर भी पहुँच जाते हैं। ये स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं। सरकार को चाहिए कि फलों के ऊपर होने वाले हानिकारक कीटनाशकों का प्रयोग कम करवाए और फलों को प्राकृतिक रूप में ही जनता तक पहुँचने दे।

वर्तमान समय में हर मौसम के फल साल भर तक प्राप्त किए जा सकते हैं। फलों के जैम, जैली, स्केवश बनाकर उन्हें साल भर प्राप्त किया जा सकता है। टमाटर के रस को निकालकर उसे पैक कर लिया जाता है, जो काफी दिनों तक तरो-ताजा रहता है और सब्जी बनाते समय इसका प्रयोग किया जाता है। हमें फिर भी मौसम में मिलने वाले रसीले और स्वादिष्ट फल खाने चाहिए। उनकी गुणवत्ता अधिक होती है अपेक्षाकृत उनके जो शीत गृहों में स्टोर करके रखे जाते हैं।

Check Also

Class Discussion: NCERT 5th Class CBSE English

सहशिक्षा पर विद्यार्थियों के लिए निबंध: Co-Education System

सहशिक्षा (Co-Education System) अर्थ है साथ-साथ शिक्षा पाना अर्थात् पढनेवाले छात्र-छात्राओं का एक ही विद्यालय …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *