Thursday , November 21 2019
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Essays

युद्ध: अभिशाप या वरदान पर निबंध छात्रों के लिए

Kargil War

मनुष्य स्वभाव से स्वार्थी, महत्वाकांक्षी और अहंकारी होता है। वह स्वयं को, अपने विचारों और सिद्धान्तों को अन्यों की तुलना में श्रेष्ठ मानता है। ईर्ष्या, द्वेष, वैमनस्य, प्रतिस्पर्धा और दूसरों से स्वयं को अधिक शक्तिशाली दिखाने की प्रवृत्ति भी मनुष्य में होती है। ये सब आसुरी भाव हैं जिनका सम्बन्ध …

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नेताजी चुनाव से पूर्व और चुनाव के बाद: निबंध

Politician

नेताजी शब्द का प्रयोग स्वतंत्रता से पूर्व उस देशभक्त के लिए किया जाता था जो अपना स्वार्थ, अपनी सुख-सुविधा त्यागकर, अपने परिवार की चिन्ता न कर, अपने प्राणों की पपरवाह न कर देश को स्वतंत्र करने के लिए अपना सर्वस्व त्यागने के लिए तत्पर रहता था। वे चरित्रवान्, निष्ठावान्, देश …

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युद्ध और शान्ति पर निबंध विद्यार्थियों के लिए

Peace Sign

मनुष्य के बाह्य क्रिया-कलाप उसकी आन्तरिक भावनाओं के ही प्रतिरूप और परिणाम होते हैं। जब मनुष्य के हृदय में सतोगुण का उदय होता है, सद्विचार और पावन भावनाओं का संचार होता है तो वह सुकर्म करता है, ऐसे कार्य करता है जिनसे मानवजाति का भला हो, विश्व में शान्ति, सुख, …

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निःशस्त्रीकरण पर निबंध विद्यार्थियों के लिए

Say No To War

प्रथम महायुद्ध (1914-1918) में हुए नर-संहार, जन-धन की क्षति, विध्वंस और विनाश को देखकर सभी चिन्तित हो उठे और ऐसे प्रलयंकारी युद्ध की पुनरावृत्ति न हो इस उद्देश्य से लीग ऑफ नेशन्स की स्थापना की गयी। परंतु बीस-इक्कीस वर्ष बाद ही कुछ महत्वाकांक्षी, सैन्य शक्ति के मद में अंधे राष्ट्रों-विशेषतः …

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छत्रपति शिवाजी महाराज पर निबंध छात्रों के लिए

छत्रपति शिवाजी महाराज पर निबंध छात्रों के लिए

दृणनिश्चयी, महान देशभक्त, धर्मात्मा, राष्ट्र निर्माता तथा कुशल प्रशासक शिवाजी का व्यक्तित्व बहुमुखी था। माँ जीजाबाई के प्रति उनकी श्रद्धा ओर आज्ञाकारिता उन्हे एक आदर्श सुपुत्र सिद्ध करती है। शिवाजी का व्यक्तित्व इतना आकर्षक था कि उनसे मिलने वाला हर व्यक्ति उनसे प्रभावित हो जाता था। साहस, शौर्य तथा तीव्र …

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अणु बम की भयावहता एवं भारत की परमाणु नीति

भारत की परमाणु नीति

द्वितीय महायुद्ध के अन्तिम चरण में सन् 1945 में अमेरिका द्वारा जापान के नगरों हिरोशिमा और नागासाकी पर अणु बम गिराने से जो वहाँ की दुर्दशा हुई, उससे अणु बम के विनाशकारी प्रभाव का, मानव जाती के समाप्त होने का खतरा जगजाहिर हो गया। उस दुर्घटना के कारण हजारों लोग …

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भारत की विदेश नीति पर हिंदी निबंध

India

यातायात के साधनों और संचार-सुविधाओं के परिणामस्वरूप अब विश्व के विभिन्न देशों और राष्ट्रों के बीच की दूरियाँ बहुत कम हो गयी हैं। राजनितिक, औद्योगिक, आर्थिक आदि कारणों से भी विभिन्न देशों का एक दूसरे के निकट आना, परस्पर सहयोग के मार्ग पर चलना आवश्यक हो गया है। प्रत्येक स्वतंत्र …

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