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ज्योति-पर्व दिवाली पर विद्यार्थियों के लिए हिंदी निबंध

Diwali

दीपावली, दीपमाला, दीपमालिका, दिवाली नामों से पुकारा जानेवाला यह ज्योति-पर्व वर्षा ऋतु के अंत तथा शरद ऋतु के आगमन की खुशी में मनाया जाता है। प्रतिवर्ष कार्तिक मास के कृष्णपक्ष की अमावस्या को मनाया जानेवाला यह पर्व हिन्दुओं के सांस्कृतिक पर्वों में से एक है। यह अनेक दृष्टियों से महत्त्वपूर्ण …

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दिवाली पर निबंध विद्यार्थियों और बच्चों के लिए

Diwali

दीपावली का त्योहार पांच दिनों तक चलने वाला सबसे बड़ा पर्व होता है। दशहरे के बाद से ही घरों में दीपावली की तैयारियां शुरू हो जाती है, जो व्यापक स्तर पर की जाती है। इस दिन भगवान श्रीराम, माता सीता और भ्राता लक्ष्मण के साथ चौदह वर्ष का वनवास पूर्ण …

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विजयादशमी पर निबंध विद्यार्थियों के लिए

Dussehra Essay

दीपावली की तरह विजयादशमी भी भारत का एक सांस्कृतिक पर्व है जिसका सम्बन्ध पौराणिक कथाओं से जोड़ा गया है। विजयादशमी नाम से दो बातें स्पष्ट हैं:एक तो यह विजय का पर्व है तथा दूसरे, यह दशमी की तिथि को मनाया जाता है। यह पर्व उत्तर भारत में आश्विन मास के …

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प्रौढ़ शिक्षा पर हिंदी निबंध विद्यार्थियों के लिए: Adult Education

Education

प्रौढ़ का अर्थ है चालीस-पैंतालिस वर्ष की आयु का व्यक्ति। ऐसी आयु के स्त्री-पुरुषों को शिक्षा देना प्रौढ़ शिक्षा कहलाता है। शिक्षा की आयु सामान्यतः सात वर्ष से पच्चीस वर्ष तक मानी जाती है। संसार के अधिकांश व्यक्ति इसी आयु में शिक्षा प्राप्त कर, आजीविका – उपार्जन में समर्थ हो …

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कारगिल युद्ध (ऑपरेशन विजय) पर निबंध विद्यार्थियों के लिए

कारगिल युद्ध पर निबंध

भारत की स्वतंत्रता के साथ ही पाकिस्तान का जन्म हुआ तभी से पाकिस्तान भारत के विरुद्ध अनेक प्रकार के षड्यंत्र रचता रहा हैं। वह 1965 और 1971 में भारत पर आक्रमण कर चूका हैं। प्रत्येक युद्ध में उसकी पराजय हुई हैं। भारत ने क्षमादान के साथ युद्ध में जीती हुई …

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सहशिक्षा पर विद्यार्थियों के लिए निबंध: Co-Education System

Class Discussion: NCERT 5th Class CBSE English

सहशिक्षा (Co-Education System) अर्थ है साथ-साथ शिक्षा पाना अर्थात् पढनेवाले छात्र-छात्राओं का एक ही विद्यालय में, एक ही कक्षा में साथ-साथ बैठकर शिक्षा प्राप्त करना। जब भारत में शिक्षा का प्रारम्भ हुआ तो केवल शिक्षा लड़कों तक सीमित थी। शिक्षा का प्रयोजन आजीविका कमाना था और चूँकि जीविकोपार्जन का भार …

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हानी-लाभ, जीवन-मरण, यश-अपयश विधि हाथ: हिंदी निबंध

राष्ट्रीय एकता

जीव को ब्रह्म का अंध कहा गया है ‘ईश्वर अंश जीव अविनाशी।‘ ब्रह्म का अंश होते हुए भी मनुष्य अपूर्ण है, सदा सफल नहीं होता, अनेक आपदाएँ और कष्ट है, सुख-दुःख का चक्र निरन्तर चलता रहता है। जो सोचता है, कल्पना करता है, अनुमान लगाता है वह मिथ्या सिद्ध होता …

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