Saturday , August 24 2019
Home / Essays

Essays

कारगिल युद्ध (ऑपरेशन विजय) पर निबंध विद्यार्थियों के लिए

कारगिल युद्ध पर निबंध

भारत की स्वतंत्रता के साथ ही पाकिस्तान का जन्म हुआ तभी से पाकिस्तान भारत के विरुद्ध अनेक प्रकार के षड्यंत्र रचता रहा हैं। वह 1965 और 1971 में भारत पर आक्रमण कर चूका हैं। प्रत्येक युद्ध में उसकी पराजय हुई हैं। भारत ने क्षमादान के साथ युद्ध में जीती हुई …

Read More »

सहशिक्षा पर विद्यार्थियों के लिए निबंध: Co-Education System

Class Discussion: NCERT 5th Class CBSE English

सहशिक्षा (Co-Education System) अर्थ है साथ-साथ शिक्षा पाना अर्थात् पढनेवाले छात्र-छात्राओं का एक ही विद्यालय में, एक ही कक्षा में साथ-साथ बैठकर शिक्षा प्राप्त करना। जब भारत में शिक्षा का प्रारम्भ हुआ तो केवल शिक्षा लड़कों तक सीमित थी। शिक्षा का प्रयोजन आजीविका कमाना था और चूँकि जीविकोपार्जन का भार …

Read More »

हानी-लाभ, जीवन-मरण, यश-अपयश विधि हाथ: हिंदी निबंध

राष्ट्रीय एकता

जीव को ब्रह्म का अंध कहा गया है ‘ईश्वर अंश जीव अविनाशी।‘ ब्रह्म का अंश होते हुए भी मनुष्य अपूर्ण है, सदा सफल नहीं होता, अनेक आपदाएँ और कष्ट है, सुख-दुःख का चक्र निरन्तर चलता रहता है। जो सोचता है, कल्पना करता है, अनुमान लगाता है वह मिथ्या सिद्ध होता …

Read More »

सबै दिन जात न एक समान: विद्यार्थियों के लिए हिंदी निबंध

Delhi Metro

इसे सूक्ति में दिन का वाच्यार्थ दिन है और ध्वन्यार्थ है काल। दिन भी बदलते रहते हैं। दिन के बाद रात और रात के बाद दिन आता है। दिन भी भिन्न-भिन्न ऋतुओं में अपने स्वरूप और कालावधि में बदलता रहता है; ग्रीष्म ऋतु में दिन पहाड़ जैसा लम्बा हो जाता …

Read More »

मनुष्य है वही कि जो मनुष्य के लिए मरे: हिंदी निबंध

Maithili Sharan Gupt

राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त की इन पंक्तियों में मरने का अर्थ केवल मरना नहीं हैं, अपितु समाज, देश, सम्पूर्ण मानवजाती के हित के लिए त्याग, बलिदान, परोपकार करते हुए यदि आवश्यकता पड़े तो प्राण दान भी है। मनुष्य की मनुष्यता, मानवता केवल अपना पेट भरने में नहीं है, पेट तो कुत्ते, …

Read More »

संयुक्त राष्ट्र संघ: अंतरराष्ट्रीय संगठन पर विद्यार्थियों के लिए निबंध

United Nations Organisation Flag

अंतरराष्ट्रीय संगठन – संयुक्त राष्ट्र संघ पर विद्यार्थियों के लिए हिंदी निबंध प्रथम महायुद्ध की विभीषिका, नर-संहार, नगरों के विनाश को देखकर लगा कि आगामी युद्धों के कारण मानव जाती का अस्तित्व ही खतरे में पड़ सकता है क्योंकि युद्ध में तो अपार जन-धन की हानी होती ही है, उसके …

Read More »

बेरोजगारी की समस्या पर हिन्दी निबंध विद्यार्थियों के लिए

Unemployment

भारत में आज ‘एक अनार सौ बीमार‘ कहावत चरितार्थ हो रही है। एक रिक्त स्थान के लिए सौ से अधिक प्रार्थनापत्र भेजे जाते हैं, एक पद के लिए सैकड़ों प्रत्याशी ‘क्यू’ लगाकर साक्षात्कार के लिए खड़े अपनी बारी की प्रतीक्षा करते देखे जाते हैं। यह सब बेरोजगारी के ही लक्ष्ण …

Read More »

बाल-मजदूर समस्या पर हिन्दी निबंध विद्यार्थियों के लिये

Child labour

बच्चा भगवान का प्रतिरूप होता, बच्चा भगवान की देन है, ‘child is the father of man‘ आदि उक्तियाँ बच्चों का महत्त्व बताती है; उसका गुणगान करती हैं। वस्तुतः बच्चे का भोलापन, नटखटपन, बाल-सुलभ चेष्टाएँ, बाल-क्रीड़ाएँ सबको मुग्ध कर देती हैं और मानव बच्चे के प्रति ममत्व अनुभव करने लगता है, …

Read More »