Tuesday , June 25 2019
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बेरोजगारी की समस्या पर हिन्दी निबंध विद्यार्थियों के लिए

Unemployment

भारत में आज ‘एक अनार सौ बीमार‘ कहावत चरितार्थ हो रही है। एक रिक्त स्थान के लिए सौ से अधिक प्रार्थनापत्र भेजे जाते हैं, एक पद के लिए सैकड़ों प्रत्याशी ‘क्यू’ लगाकर साक्षात्कार के लिए खड़े अपनी बारी की प्रतीक्षा करते देखे जाते हैं। यह सब बेरोजगारी के ही लक्ष्ण …

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बाल-मजदूर समस्या पर हिन्दी निबंध विद्यार्थियों के लिये

Child labour

बच्चा भगवान का प्रतिरूप होता, बच्चा भगवान की देन है, ‘child is the father of man‘ आदि उक्तियाँ बच्चों का महत्त्व बताती है; उसका गुणगान करती हैं। वस्तुतः बच्चे का भोलापन, नटखटपन, बाल-सुलभ चेष्टाएँ, बाल-क्रीड़ाएँ सबको मुग्ध कर देती हैं और मानव बच्चे के प्रति ममत्व अनुभव करने लगता है, …

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बन्धुआ मजदूर समस्या पर हिन्दी निबंध विद्यार्थियों के लिये

Child labour

बहुत पुराने जमाने में गुलाम-प्रथा अर्थात् आदमी को बेचने-खरीदने का रिवाज था। इसके अन्तर्गत सम्पन्न व्यक्ति पुरुषों को परिश्रम के लिए तथा स्त्रियों को अपनी वासना-पूर्ति के लिए कुछ धन देकर जीवन-भर के लिए अपना दास बना लेता था। समय के साथ जागरूकता, मानवता, मनुष्य को मनुष्य होने के नाते …

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भ्रष्टाचार के बढ़ते कदम – भ्रष्टाचार तेरे रूप अनेक पर निबंध

Corruption

भ्रष्टाचार का अर्थ है भ्रष्ट आचरण अर्थात् ऐसा आचार-व्यवहार, ऐसे कार्य जो नीति-विरुद्ध हों, जो दूसरों को कष्ट देते हों। दूसरों को पीड़ा पहुँचना सबसे बड़ा पाप है, तुलसीदास कह गये हैं, ‘पर पीड़ा सम नहिं अधमाई।’ परन्तु आज कलियुग है, पाप-पुण्य के सम्बन्ध में सोचने और पाप-पुण्य की समीक्षा …

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